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टीसीएस ने कर्मचारियों की छंटनी की योजना से किया इनकार, एआई को बताया अवसर

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने अपने कर्मचारियों की संख्या में कमी लाने की योजना से इनकार किया है। कंपनी के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि एआई एक अवसर है, न कि खतरा। उन्होंने बताया कि भविष्य में कर्मचारी और एआई मिलकर काम करेंगे, जिससे नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। जानें टीसीएस की रणनीतियों और एआई के प्रभाव के बारे में।
 

टीसीएस का स्पष्ट संदेश

भारत की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने अपने कर्मचारियों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। कंपनी के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि कर्मचारियों की संख्या में कमी लाने या बड़े पैमाने पर छंटनी करने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में पहले की तरह बड़े पैमाने पर भर्ती की प्रक्रिया शायद नहीं होगी।


कर्मचारियों की संख्या में कमी

टीसीएस की 31वीं वार्षिक आम बैठक में एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी का ध्यान सही प्रतिभा को जोड़ने पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की संख्या कम करने की कोई योजना नहीं है। उनका मानना है कि कंपनी को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार कुशल और योग्य लोगों की आवश्यकता है।


वर्तमान में, वित्त वर्ष 2026 में टीसीएस के कर्मचारियों की संख्या में 23,460 की कमी आई है, जिससे कुल कार्यबल लगभग 5.84 लाख रह गया है। कंपनी का कहना है कि यह किसी छंटनी का परिणाम नहीं है, बल्कि कार्यबल की स्वाभाविक संरचना में बदलाव है।


एआई के अवसर

हाल के महीनों में एआई पर वैश्विक चर्चाएं बढ़ी हैं, और कई विशेषज्ञों का मानना है कि नई तकनीक लाखों नौकरियों को प्रभावित कर सकती है। लेकिन टीसीएस के अध्यक्ष ने इस धारणा का विरोध किया।


एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि एआई सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए खतरा नहीं, बल्कि एक बड़ा अवसर है। उनके अनुसार, कंपनी आंतरिक कार्यों, ग्राहकों के लिए समाधान और विभिन्न व्यावसायिक प्रक्रियाओं में एआई आधारित सहायक प्रणालियों का उपयोग बढ़ा रही है।


भविष्य की कार्य संस्कृति

उन्होंने कहा कि भविष्य में कर्मचारी और एआई आधारित प्रणालियां एक साथ काम करेंगी, जो आने वाले समय की कार्य संस्कृति को परिभाषित करेगी। उनका मानना है कि इस तकनीक के कारण नए प्रकार के रोजगार और विशेषज्ञताओं की मांग बढ़ेगी, जिससे प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसर उत्पन्न होंगे।


कंपनी की आय में वृद्धि

कंपनी की एआई से संबंधित वार्षिक आय पिछले तिमाही में लगभग 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। चंद्रशेखरन ने अनुमान लगाया कि 2028 से 2030 के बीच कंपनी की कुल आय में एआई का योगदान महत्वपूर्ण होगा।


उन्होंने कहा कि भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग ने ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन्हें पहले असंभव माना जाता था। भारतीय कंपनियों ने नई तकनीकों को अपनाकर विश्व स्तर पर भरोसेमंद समाधान तैयार किए हैं।


वास्तविक कारोबारी स्थिति

पिछले वर्ष के अंत में एआई आधारित स्वचालित प्रणालियों की क्षमता में तेजी से वृद्धि के कारण वैश्विक निवेशकों में चिंता पैदा हुई थी, जिससे कई तकनीकी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। हालांकि, टीसीएस के अध्यक्ष ने कहा कि वास्तविक कारोबारी स्थिति मजबूत बनी हुई है। मुनाफा, आय और नए अनुबंधों की स्थिति पहले से बेहतर है।


उन्होंने कहा कि एआई केवल काम का बोझ कम करने वाली तकनीक नहीं है, बल्कि यह एक नया बौद्धिक आधारभूत ढांचा है, जो आने वाले वर्षों में उद्योगों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदल सकता है। इसलिए, टीसीएस इसे एक चुनौती नहीं, बल्कि एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है।