कोलकाता की सस्पेंस थ्रिलर 'ब्राउन': एक नई कहानी का आगाज़
कोलकाता का अनोखा चेहरा
सिनेमा और वेब सीरीज़ की दुनिया में कोलकाता को अक्सर पीली टैक्सियों, हावड़ा ब्रिज, भव्य विक्टोरिया मेमोरियल, दुर्गा पूजा के रंगों और मिट्टी के कुल्हड़ में चाय की चुस्कियों के साथ बेहद जीवंत दिखाया जाता है। लेकिन निर्देशक अभिनय देव की नई सस्पेंस वेब सीरीज़ 'ब्राउन' एक अलग ही कोलकाता की तस्वीर पेश करती है। यह शहर ठंडा, उदास और लगातार बारिश में डूबा हुआ है, जिसमें एक बेचैन कर देने वाली खामोशी छाई हुई है। यह सीरीज़ अभीक बरुआ के उपन्यास 'सिटी ऑफ़ डेथ' पर आधारित है और इसमें एक रोंगटे खड़े कर देने वाले मर्डर और किरदारों के मानसिक सदमे की कहानी है।
कहानी: हाई सोसाइटी मर्डर और एक टूटी हुई कॉप
कहानी की शुरुआत कोलकाता के एक रईस बिजनेसमैन (अजिंक्य देव) की बेटी अहाना जायसवाल की बेरहमी से हत्या से होती है। अहाना का सिर कटा शव उसके आलीशान बंगले में पाया जाता है, जिससे शहर में हड़कंप मच जाता है। इस केस को डीसीपी रीटा ब्राउन (करिश्मा कपूर) को सौंपा जाता है, जो पहले विभाग की सबसे काबिल अफसर मानी जाती थीं। लेकिन अपने पति की मौत और कई सालों के निलंबन के बाद, वे शराब और डिप्रेशन में डूबी हुई हैं।
जांच में शामिल होते हैं इंस्पेक्टर अर्जुन सिन्हा
रीटा के साथ इस जांच में इंस्पेक्टर अर्जुन सिन्हा (सूर्या शर्मा) शामिल होते हैं, जो अपनी पत्नी को खोने के गम से जूझ रहे हैं। जैसे ही ये दोनों जांच शुरू करते हैं, एक और मर्डर हो जाता है। उन्हें जल्दी ही समझ में आ जाता है कि वे किसी सामान्य कातिल का सामना नहीं कर रहे, बल्कि एक साइको सीरियल किलर से हैं।
परफॉर्मेंस
'ब्राउन' की सबसे बड़ी खूबी इसकी कास्ट है, विशेषकर करिश्मा कपूर। दर्शकों को उनके ग्लैमरस अंदाज़ से हटकर, इस सीरीज़ में एक अलग अवतार देखने को मिलता है। करिश्मा ने अपने करियर की बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है, जिसमें वे एक बुरी तरह से टूटी हुई महिला का किरदार निभा रही हैं। इंस्पेक्टर अर्जुन सिन्हा के रूप में सूर्या शर्मा ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
डायरेक्शन और टेक्निकल पहलू
अभिनय देव ने एक नियो-नॉयर थ्रिलर बनाने में सफलता पाई है, जिसमें कोलकाता का डार्क और गंभीर विज़ुअल अंदाज़ है। अमोग देशपांडे की सिनेमैटोग्राफी शो की एक प्रमुख खूबी है। हालांकि, सीरीज़ की धीमी रफ़्तार इसकी प्रभावशीलता को कम कर देती है।
ब्राउन: फ़ैसला
'ब्राउन' एक स्टाइलिश और शानदार सीरीज़ लगती है, लेकिन इसकी कहानी अपेक्षाकृत साधारण है। यदि आप करिश्मा कपूर को एक अलग अवतार में देखना चाहते हैं, तो यह सीरीज़ देखने लायक है। हालांकि, जो दर्शक तेज़ रफ़्तार वाली मर्डर मिस्ट्री की तलाश में हैं, उन्हें यह सीरीज़ थकान महसूस करा सकती है।