दमोह में खुदाई के दौरान मिला चांदी का खजाना, विवाद बढ़ा
दमोह में चांदी का खजाना मिलने की सनसनी
दमोह, मध्य प्रदेश से एक चौंकाने वाली खबर आई है। यहां एक पुरानी इमारत की खुदाई के दौरान एक बड़ा चांदी का खजाना मिला है, जिसने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। फुटेरा वार्ड में एक स्कूल शिक्षक आलोक सोनी अपने पैतृक घर को तोड़कर नया निर्माण करवा रहे थे, तभी उन्हें खुदाई में चांदी के सिक्के मिले। हालांकि, यह खजाना अब विवाद का कारण बन गया है। मकान मालिक का कहना है कि उन्हें केवल 42 चांदी के सिक्के मिले हैं, जबकि मजदूरों का दावा है कि उन्हें 30 से 35 किलो चांदी मिली है।
खुदाई में मिली चांदी की सामग्री का खुलासा
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब खुदाई कर रहे मजदूर थाने पहुंचे और एक बड़ा खुलासा किया। मजदूर ओमप्रकाश अठ्या ने बताया कि खुदाई के दौरान पहले एक खाली घड़ा मिला, लेकिन गहराई में खोदने पर एक बड़ा मटका सामने आया। मजदूरों का कहना है कि इस मटके में भारी मात्रा में चांदी के सिक्के और चांदी की रॉड थीं, जिनका कुल वजन लगभग 30 से 35 किलोग्राम था। उन्होंने आरोप लगाया कि मकान मालिक ने उन्हें धमकाया और खजाना छिपा दिया।
प्रशासन की कार्रवाई और पुरातत्व विभाग की जांच
जैसे ही इस खजाने की खबर फैली, पुलिस और जिला प्रशासन सक्रिय हो गए। प्रशासन और पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 42 सिक्के बरामद किए। इसके साथ ही, दो मकानों को सील कर दिया गया। भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक शुभम अरजरिया ने बताया कि ये सिक्के ब्रिटिश शासन के समय के हैं और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
मकान मालिक की स्थिति और जांच की प्रगति
दिलचस्प बात यह है कि मजदूरों के थाने पहुंचने से पहले, आलोक सोनी ने भी पुलिस को 42 सिक्कों की सूचना दी थी। उनका कहना है कि केवल 42 सिक्के ही मिले हैं और मजदूरों का 35 किलो चांदी मिलने का दावा गलत है। तहसीलदार रघुनन्दन चतुर्वेदी और थाना प्रभारी मनीष कुमार ने पुष्टि की है कि 42 सिक्कों की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, लेकिन 35 किलो चांदी के दावे की जांच जारी है। जांच पूरी होने पर यह स्पष्ट होगा कि असली खजाना कितना था।