भारतीय उपभोक्ताओं की खरीदारी की आदतों में बदलाव
खरीदारी के नए तरीके
भारत में आम उपभोक्ताओं की खरीदारी की आदतें अब पूरी तरह से बदल चुकी हैं। डेलॉयट इंडिया द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अब सस्ते सामान की बजाय उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। बढ़ती आय और आत्मविश्वास के चलते, ग्राहक अब 'कम खरीदें लेकिन अच्छा खरीदें' के सिद्धांत को अपनाने लगे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में आर्थिक स्थिति का स्कोर पिछले वर्ष के 109.1 से बढ़कर 111.1 हो गया है, जो अन्य देशों की तुलना में बेहतर है। उपभोक्ता अब अनावश्यक खर्चों से बचने के लिए अधिक सतर्क हो गए हैं और केवल आवश्यक वस्तुओं और उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं पर खर्च करना पसंद कर रहे हैं।
खाने की बर्बादी पर ध्यान
अब राशन और खाद्य सामग्री की बर्बादी को रोकने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डेलॉयट की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 31 प्रतिशत लोग खाने की बर्बादी से बचने के लिए सतर्क रहते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि लोग कम खा रहे हैं; वास्तव में, केवल 11 प्रतिशत लोग ही कम सामान खरीदते हैं। लोग अब खराब गुणवत्ता के सामान खरीदने के बजाय, कम लेकिन उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को चुन रहे हैं। इसके अलावा, लगभग 15 प्रतिशत उपभोक्ता महंगे ब्रांड्स के बजाय सुपरमार्केट के अपने ब्रांड्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि ये सामान कम कीमत में बेहतर गुणवत्ता प्रदान करते हैं।
यात्रा के दौरान आराम की प्राथमिकता
छुट्टियों और यात्रा के मामले में भी भारतीय उपभोक्ताओं की प्राथमिकताएं बदल गई हैं। आंकड़ों के अनुसार, त्योहारों के बाद यात्रा करने वालों की संख्या में 7 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन जो लोग यात्रा कर रहे हैं, वे आराम पर कोई समझौता नहीं करना चाहते। लोग अब सस्ते विकल्पों को छोड़कर, यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाओं पर अधिक खर्च कर रहे हैं। अच्छी फ्लाइट्स का चयन करना, सीटों को अपग्रेड करना और शानदार होटलों में ठहरना अब उनकी प्राथमिकता बन गई है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता
नई गाड़ी खरीदने के मामले में भारतीय अब अधिक सोच-समझकर निर्णय ले रहे हैं, जिससे गाड़ी खरीदने का स्कोर 85.2 पर पहुंच गया है। लगभग 43 प्रतिशत लोग मानते हैं कि उनकी पुरानी गाड़ी अभी भी अच्छी स्थिति में है, इसलिए वे अचानक बड़ा खर्च नहीं करना चाहते। वहीं, 12 प्रतिशत लोग बाजार की स्थिति को देखते हुए बड़े खर्च से बच रहे हैं। इस बीच, इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों में बढ़ती रुचि देखी जा रही है। हर 10 में से 6 लोग अब नई गाड़ी के रूप में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि इनमें आधुनिक फीचर्स होते हैं और इनका रखरखाव भी कम खर्चीला होता है।
बजट प्रबंधन में समझदारी
लगभग 73 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि भविष्य में वस्तुओं की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इस महंगाई के डर के बीच, लोग अपने बजट को समझदारी से संभाल रहे हैं। वे अनावश्यक खर्चों से बचते हुए, कम पैसे में उच्च गुणवत्ता वाले और मजबूत सामान खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उन्हें अपने पैसे का पूरा मूल्य मिल सके।