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जयपुर में पटाखा गोदाम में भीषण विस्फोट, 8 लोगों की जान गई

जयपुर में एक पटाखा गोदाम में भीषण आग लगने के बाद हुए विस्फोट में आठ लोगों की जान चली गई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। यह घटना खोह नागोरियान क्षेत्र में हुई, जहां अवैध रूप से पटाखों का भंडारण किया जा रहा था। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और फोरेंसिक टीमों को जांच में लगाया गया है। इस हादसे ने रिहायशी इलाकों में अवैध गतिविधियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
 

जयपुर में दर्दनाक हादसा

जयपुर - राजस्थान की राजधानी में मंगलवार को एक भयानक घटना ने सभी को हिला दिया। खोह नागोरियान क्षेत्र में एक पटाखा गोदाम में अचानक आग लग गई, जिसके बाद हुए विस्फोट में एक बच्चे समेत आठ लोगों की जान चली गई। इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया।


हादसे का विवरण

प्रशासन के अनुसार, यह घटना आयशा नगर तलाई क्षेत्र में आईटीआई कॉलेज के पास स्थित गोदाम में हुई। आग लगने के बाद लगातार विस्फोट होते रहे, जिससे राहत कार्य में बाधा आई। मृतकों में अब्दुल वाहिद (50), बिलाल खान (30), समीर (20), आजीम खान (18) उर्फ आविद, नासिर खान और अन्य शामिल हैं। दो मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।


सगे भाइयों की दुखद मौत

बिलाल और आजीम खान सगे भाई थे, जो इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। बताया गया है कि आजीम वहां काम कर रहा था और बिलाल उससे मिलने आया था। दोनों भाई बातचीत कर रहे थे, तभी अचानक विस्फोट हुआ और वे आग की चपेट में आ गए। परिवार पर इस घटना का गहरा असर पड़ा है।


अवैध गोदाम का संचालन

जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण किसी ज्वलनशील पदार्थ को बताया गया है। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने कहा कि यह स्थान पटाखों के भंडारण के लिए था, जबकि निर्माण इकाई अलग स्थान पर संचालित की जा रही थी। विस्तृत जांच के बाद ही आग लगने के असली कारणों का पता चलेगा। पुलिस ने बताया कि यह गोदाम रिहायशी इलाके में अवैध रूप से चल रहा था और इसके मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


अवैध कारोबार का खुलासा

स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस मकान में गोदाम चल रहा था, वह याकूब नामक व्यक्ति का है। इसे दिल्ली निवासी फिरोज को किराए पर दिया गया था। आरोप है कि फिरोज और उसके सहयोगी वसीम ने वहां अवैध रूप से पटाखों का भंडारण किया था। हादसे के बाद प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और फोरेंसिक टीमों को जांच में लगाया गया है। यह घटना एक बार फिर रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रही खतरनाक गतिविधियों पर सवाल उठाती है।