दिल्ली में हीट वेव के खिलाफ राहत उपायों की समीक्षा
दिल्ली में गर्मी से राहत के लिए उठाए गए कदम
नई दिल्ली - दिल्ली में बढ़ती गर्मी और हीट वेव के खतरे को देखते हुए उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में ‘हीट वेव एक्शन प्लान 2026’ की समीक्षा की। इस बैठक में मंत्री आशीष सूद और प्रवेश वर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। गर्मी से राहत के लिए किए गए उपायों का मूल्यांकन किया गया और उन्हें और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद पहली बार दिल्ली के सभी जिलों में समन्वित तरीके से हीट वेव राहत योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत विभिन्न विभाग मिलकर लोगों को गर्मी से राहत प्रदान कर रहे हैं। उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अब तक किए गए कार्यों की सराहना की और कहा कि दिल्ली की बड़ी जनसंख्या को देखते हुए राहत उपायों का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मोबाइल राहत वैन और कूलिंग सेंटरों की संख्या को आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जाए, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां बड़ी संख्या में रेहड़ी-पटरी वाले, मजदूर, बेघर लोग और बाजारों में काम करने वाले लोग रहते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया कि राहत सेवाएं निरंतर उपलब्ध रहें ताकि किसी भी नागरिक को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कूलिंग सेंटरों पर कर्मचारियों की ड्यूटी बदलते समय विशेष सावधानी बरती जाए ताकि जनसेवा प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी पानी के मटके, कूलर और पानी के कंटेनर समय-समय पर भरे जाएं, जिससे लोगों को कभी भी जल सुविधाओं की कमी का सामना न करना पड़े।
बैठक में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया गया। उपराज्यपाल ने कहा कि नागरिकों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन-सा विभाग किस क्षेत्र के लिए जिम्मेदार है। लोगों को केवल राहत और सुविधाएं चाहिए, इसलिए सभी एजेंसियों को एक टीम की तरह काम करना होगा और जनता को तुरंत सहायता उपलब्ध करानी होगी।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि मोबाइल हीट राहत इकाइयों ने अब तक 4.73 लाख से अधिक लोगों को सेवाएं प्रदान की हैं। इन इकाइयों के माध्यम से लाखों लीटर पेयजल, बड़ी संख्या में ओआरएस पैकेट, सूती गमछे और सुरक्षात्मक टोपियां वितरित की गई हैं। इसके अलावा जीटीबी अस्पताल, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन, शालीमार चौक और कालकाजी क्षेत्र जैसे प्रमुख स्थानों पर स्थापित कूलिंग जोन में हजारों लोगों को पानी और राहत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
दिल्ली परिवहन व्यवस्था में भी यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। शहर के 500 बस स्टॉप पर सुबह से शाम तक मुफ्त पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, प्रमुख अंतरराज्यीय बस अड्डों पर भी पानी और ओआरएस की व्यवस्था की गई है। दिल्ली जल बोर्ड ने पानी की कमी वाले इलाकों में जलापूर्ति के लिए बड़ी संख्या में टैंकर तैनात किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने भी हीट वेव से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष तैयारियां की हैं। प्रमुख अस्पतालों में विशेष वार्ड बनाए गए हैं, जहां कूलिंग सुविधाओं के साथ मरीजों का त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा श्रमिकों की सुरक्षा के लिए निर्माण स्थलों पर विशेष दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं और अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है।
बैठक में यह भी बताया गया कि डीडीए के कई खेल परिसरों में वॉटर कूलर और आरओ सिस्टम लगाए गए हैं और सार्वजनिक पार्कों में वॉटर एटीएम स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में गर्मी के प्रभाव को कम करने और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सभी विभाग मिलकर लगातार काम कर रहे हैं।