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नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन: वैश्विक संकटों के समाधान के लिए सहयोग की आवश्यकता

नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक संकटों से निपटने के लिए व्यावहारिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भू-राजनीतिक उथल-पुथल और व्यापार में रुकावटों के प्रभावों से निपटने के लिए ठोस उपायों की अपील की। इस सम्मेलन में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हुए हैं, और यह बैठक महत्वपूर्ण समय पर हो रही है। जानें इस सम्मेलन के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
 

नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक


नई दिल्ली, ब्रिक्स सम्मेलन: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता की। इस दो दिवसीय सम्मेलन में, जयशंकर ने अपने प्रारंभिक भाषण में कहा कि हम एक ऐसे समय में मिल रहे हैं जब अंतरराष्ट्रीय संबंधों में काफी उथल-पुथल है। उन्होंने वैश्विक संकटों से निपटने के लिए व्यावहारिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।


भारत की मेज़बानी में ब्रिक्स सम्मेलन का महत्व

भारत द्वारा आयोजित यह ब्रिक्स सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रभावशाली समूह पश्चिम एशिया में संकट के आर्थिक परिणामों का सामना कर रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति में भारी रुकावट आई है। जयशंकर ने कहा कि चल रहे संघर्ष, आर्थिक अनिश्चितताएं और व्यापार, तकनीक व जलवायु से जुड़ी चुनौतियां वैश्विक परिदृश्य में बदलाव ला रही हैं।


ब्रिक्स देशों से व्यावहारिक समाधान की अपील

विदेश मंत्री ने ब्रिक्स सहयोगियों से आग्रह किया कि वे भू-राजनीतिक उथल-पुथल और व्यापार में रुकावटों के प्रभावों से बेहतर तरीके से निपटने के लिए व्यावहारिक समाधान खोजें। उन्होंने वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में बातचीत और कूटनीति की भूमिका पर भी जोर दिया। ईरान, रूस, ब्राजील और अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्री इस बैठक में शामिल हो रहे हैं।


शांति और सुरक्षा का महत्व

जयशंकर ने कहा कि शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के लिए केंद्रीय हैं। उन्होंने कहा कि हाल के संघर्ष केवल बातचीत और कूटनीति की अहमियत को ही उजागर करते हैं। आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने में भी हमारी गहरी रुचि है। उन्होंने आर्थिक लचीलापन को भी आवश्यक बताया और कहा कि भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखलाएं और विभिन्न बाजार इसके महत्वपूर्ण हिस्से हैं।


ईरानी विदेश मंत्री की उपस्थिति

ब्रिक्स की बैठक में शामिल होने के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी दिल्ली पहुंचे हैं। इस बैठक में ईरान युद्ध का साया पड़ने की संभावना है, और यह बैठक ठीक उसी समय हो रही है जब डोनाल्ड ट्रंप चीन की राजकीय यात्रा पर हैं। यह बैठक 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित की जा रही है, जिसकी मेज़बानी नई दिल्ली सितंबर में करेगी।