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पंजाब में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई: अभियान से तस्करों की कमर टूटी

पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ एक अभूतपूर्व अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य राज्य को नशा मुक्त बनाना है। इस मुहिम के तहत बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं और तस्करों की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। अभियान के परिणाम उत्साहजनक रहे हैं, जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश गया है। जानें इस अभियान की पूरी कहानी और इसके प्रभाव के बारे में।
 

पंजाब सरकार का नशे के खिलाफ अभियान

पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ एक अभूतपूर्व मुहिम शुरू की है, जिसका नाम 'युद्ध नशे के विरुद्ध' रखा गया है। इस अभियान ने नशा तस्करों की गतिविधियों को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। अभियान की शुरुआत के बाद, पंजाब पुलिस ने डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव के निर्देशों के अनुसार, राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में एक निश्चित समय पर ऑपरेशन चलाने का निर्णय लिया है।


मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रयास करें। इस मुहिम के तहत 68,389 एफआईआर दर्ज की गईं और 92,264 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने 5,480 किलोग्राम हेरोइन जब्त की, जो कि देश में सबसे अधिक है। नशा तस्करों की 760 करोड़ रुपए की संपत्ति भी जब्त की गई है और 64 हवाला ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया गया है।


1.5 लाख से अधिक नागरिकों ने गांव रक्षा समितियां बनाई हैं, जिससे 600 से अधिक नशा तस्करों की गिरफ्तारी संभव हुई है। गांवों में 15,000 'पिंड दे पहरेदार' तैनात किए गए हैं।


नशा मुक्ति केंद्रों की क्षमता को 360 प्रतिशत बढ़ाकर 1,455 से 5,255 बिस्तरों तक पहुंचा दिया गया है और कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए नशा विरोधी पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में ड्रग तस्करों की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है, जिसमें मकान, व्यावसायिक इमारतें और कृषि भूमि शामिल हैं, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से समाज में यह स्पष्ट संदेश जा रहा है कि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति अब कानून से बच नहीं सकेगी। पंजाब अब अपने युवाओं को नशे की लत में नहीं डालने देगा। नशों से निपटने के लिए प्रवर्तन, नशा मुक्ति और रोकथाम पर आधारित एक बहु-आयामी रणनीति तैयार की गई है, जिसके परिणाम अत्यंत उत्साहजनक रहे हैं। इस अभियान के तहत नशा आपूर्ति करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है और तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है.