पश्चिम बंगाल में टीएमसी के नेताओं का बीजेपी में शामिल होने का संकेत
राजनीतिक हलचल का नया दौर
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया भूचाल आ गया है। बीजेपी सांसद सौमित्र खान ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई नेता अपनी पार्टी से असंतुष्ट हैं और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, यदि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व अनुमति देता है, तो टीएमसी के लगभग 50 विधायक और 20 सांसद पार्टी छोड़ने के लिए तैयार हैं।
टीएमसी में असंतोष की लहर
सौमित्र खान के इस बयान ने राज्य की राजनीतिक स्थिति में हलचल मचा दी है, क्योंकि 4 मई को आए चुनाव परिणामों के बाद टीएमसी के पास 80 विधायक हैं। यदि इतनी बड़ी संख्या में नेता पार्टी बदलते हैं, तो यह पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका होगा।
खान का कहना है कि टीएमसी के कई प्रमुख नेता आलाकमान से नाराज हैं और एक नए राजनीतिक विकल्प की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बीजेपी नेतृत्व सहमत हो जाए, तो टीएमसी पूरी तरह से बिखर सकती है।
पार्षदों के इस्तीफे की चर्चा
बीजेपी नेता का यह बयान उस समय आया है जब राज्य में 100 से अधिक पार्षदों के इस्तीफे की खबरें हैं। इसके साथ ही, टीएमसी के सीनियर नेताओं जैसे काकोली घोष दस्तिदार और फिरहाद हाकिम की नाराजगी की भी चर्चा हो रही है। हालांकि, फिरहाद हाकिम ने इस पर खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन काकोली घोष दस्तिदार की नाराजगी की खबरें सामने आई हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीएमसी के लगभग 12 सांसद पहले से ही बीजेपी में शामिल होने या समर्थन देने के लिए बातचीत कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि यह संख्या 20 तक पहुंच सकती है।
टीएमसी विधायकों की विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात
राजनीतिक अटकलें तब और बढ़ गईं जब टीएमसी के दो विधायकों, ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी की उपस्थिति में विधानसभा अध्यक्ष रथिन बोस से मुलाकात की। हालांकि इस मुलाकात को औपचारिक रूप से शिष्टाचार भेंट बताया गया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावों के बाद राज्य में समीकरण बदल रहे हैं।
फिलहाल, तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।