महंगी LPG के बीच लोगों ने पारंपरिक चूल्हों की ओर किया रुख
महंगी LPG की समस्या
महंगी LPG की समस्या: भारत में एलपीजी गैस की कीमतों में वृद्धि के चलते, लोगों ने अद्भुत उपाय किए हैं। खाली गैस सिलेंडरों को फेंकने के बजाय, उन्हें लकड़ी और कोयले से जलने वाले पारंपरिक चूल्हों में परिवर्तित किया जा रहा है। इस प्रक्रिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें विपक्षी नेता मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि महिलाएं सिलेंडर छोड़कर चूल्हा अपनाने को मजबूर हैं, और मोदी सरकार उनके आंसुओं पर आंसू बहा रही है।
खड़गे ने एक्स पर वायरल वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'मोदी सरकार के 12 वर्षों में गरीबी कम करने का दावा करने की सच्चाई... पहले मनरेगा के तहत गरीबों से काम का अधिकार छीना, अब रोटी का निवाला भी छीन रही है! 2016 में मोदी जी ने कहा था कि उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को लकड़ी के चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिलेगी। साल में 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर का वादा किया गया था, जो अब घटकर 9 हो गए हैं। 2026 में यह संख्या और घटकर केवल 4 रह गई है। यानी, 12 का वादा, लेकिन 4 का इरादा। LPG की कीमतें लगातार बढ़ाई जा रही हैं, जिससे 5.56 करोड़ लाभार्थी रिफिल खरीदने में असमर्थ हैं।'
मोदी सरकार के 12 सालों में ग़रीबी घटाने की Campaign की Reality
पहले ग़रीब से मनरेगा के तहत काम का अधिकार छीना, अब रोटी का निवाला भी छीन रही है !
2016: मोदी जी ने दावा किया था कि उज्जवला योजना के तहत महिलाओं को लकड़ी के चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिलेगी।
साल में 12 सब्सिडी… pic.twitter.com/bnux0aFf1v
— Mallikarjun Kharge (@kharge) June 9, 2026
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इसी वीडियो को साझा करते हुए लिखा कि आपदा में आविष्कार! उन्होंने कहा कि महंगी गैस के कारण, जिस 'सिलेंडर' से चूल्हा जलता था, उसे ही चूल्हा बना लिया गया है।