लंदन में कश्मीरी समुदाय का पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन
पाक अधिकृत कश्मीर में कश्मीरी समुदाय की आवाज़
पाकिस्तान अब पाक अधिकृत कश्मीर में कश्मीरी लोगों पर अत्याचार कर रहा है, जिसमें उनकी हत्याएं शामिल हैं। सेना को कश्मीरियों के खिलाफ कार्रवाई करने की खुली छूट दी गई है। इस मुद्दे पर ब्रिटेन में कश्मीरी समुदाय ने सोमवार को प्रदर्शन किया। लंदन में पाकिस्तान के उच्चायोग के बाहर बड़ी संख्या में कश्मीरी एकत्र हुए और अपने लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उनका कहना है कि पाकिस्तान, 9 जून की हड़ताल से पहले कश्मीर में अत्याचार कर रहा है.
प्रदर्शन का उद्देश्य
कश्मीरी समुदाय ने लंदन में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर रावलकोट में मारे गए लोगों की याद में फतिहा पढ़ा। रावलकोट में पाकिस्तान की सेना पर हत्याओं का आरोप लगाया गया है। कश्मीरी समुदाय इस स्थिति को लेकर बेहद चिंतित है।
कश्मीरी समुदाय की चिंताएं
जम्मू-कश्मीर नेशनल इंडिपेंडेंस अलायंस (JKNIA) के चेयरमैन महमूद कश्मीरी ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि वह पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में भारी सैन्य तैनाती कर रहा है और स्थानीय लोगों पर अत्याचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में नरसंहार हो रहा है।
पाकिस्तानी सेना की गतिविधियां
महमूद कश्मीरी, चेयरमैन, जम्मू-कश्मीर नेशनल इंडिपेंडेंस अलायंस:-
पाकिस्तान ने हजारों सुरक्षा बलों को पोख में भेज दिया है। हथियारों से लैस लोग भी क्षेत्र में घुस रहे हैं, जिससे वहां हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। यह नरसंहार है, जिसे पाकिस्तान की सेना अंजाम दे रही है।
स्थानीय पुलिस की अपील
महमूद कुरैशी ने स्थानीय कश्मीरी पुलिस से अपील की है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करें और पाकिस्तानी बलों के हटने तक किसी दबाव में न आएं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में हथियार और सशस्त्र लोग पोख में दाखिल हो रहे हैं, जिससे आम लोगों में डर का माहौल है।
पाकिस्तान के हथियारों की तस्करी
पाकिस्तान अपने कब्जे वाले कश्मीर में हथियार भेज रहा है। हाल ही में स्थानीय युवाओं ने पाकिस्तान से आने वाले दो वाहनों को रोका, जिनमें हथियार भरे हुए थे। महमूद कश्मीरी का आरोप है कि ये सशस्त्र समूह आम नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले कर सकते हैं।
कश्मीरी समुदाय की मांगें
JKNIA के चेयरमैन महमूद कश्मीरी ने मांग की है कि पाकिस्तान अपने सुरक्षा बलों को तुरंत वापस बुलाए ताकि पोख के लोग शांति से रह सकें। यदि सैन्य उपस्थिति कम नहीं हुई, तो सुरक्षा स्थिति और बिगड़ सकती है।
ब्रिटेन में कश्मीरी प्रवासियों की चिंता
ब्रिटेन में रह रहे कश्मीरी प्रवासियों में भी गहरी चिंता है। महमूद कश्मीरी ने बताया कि पाकिस्तानी दूतावासों के बाहर और कई ब्रिटिश शहरों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
रावलकोट में झड़पें
पाकिस्तान के प्रशासित कश्मीर के रावलकोट में रविवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक लोग घायल हुए। JAAC आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों की मांग कर रही है।
पुलिस फायरिंग में हताहत
प्रदर्शनकारी अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर इकट्ठा हुए थे, जहां पुलिस फायरिंग में मारे गए एक साथी का शव रखा गया था। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने फायरिंग और पेट्रोल बम से हमला किया, जिसमें 4 पुलिसकर्मी और 1 आम व्यक्ति मारा गया।
9 जून को बंद का आह्वान
JAAC ने मंगलवार को बंद की अपील की है। यह बंद 27 जुलाई को होने वाले विधानसभा चुनाव में 45 सीटों में से 12 सीटें पाकिस्तान के अन्य इलाकों के शरणार्थियों के लिए आरक्षित किए जाने के विरोध में है।
नरसंहार का आरोप
JAAC नेता शौकत नवाज मीर ने इसे नरसंहार बताया है और कश्मीरियों से एकजुट रहकर बंद कराने का संकल्प लिया है। सरकार ने शुक्रवार को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था।