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हरियाणा में सूरजमुखी की खरीद प्रक्रिया में बदलाव, किसानों को मिलेगी राहत

हरियाणा सरकार ने सूरजमुखी की सरकारी खरीद को एक सप्ताह पहले शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने इस फैसले की जानकारी दी, जिसमें कहा गया कि समय पर खरीद से किसानों को बेहतर दाम मिल सकेगा। इस बार खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होगी और सीधे किसानों के बैंक खातों में भुगतान किया जाएगा। यह कदम किसानों के हित में उठाया गया है, जिससे उन्हें अपनी फसल बेचने में आसानी होगी।
 

सूरजमुखी MSP खरीद की तारीख

सूरजमुखी MSP खरीद की तारीख: हरियाणा के किसानों के लिए खेती से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सूरजमुखी की फसल उगाने वाले किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि इस बार सूरजमुखी की सरकारी खरीद एक सप्ताह पहले, यानी 25 मई से शुरू होगी। पहले यह प्रक्रिया 1 जून से शुरू होने वाली थी, लेकिन फसल की कटाई की गति को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि किसानों को किसी भी नुकसान का सामना न करना पड़े।


सरकार ने समय पर लिया निर्णय

वास्तव में, राज्य के सूरजमुखी उत्पादक किसानों ने खरीद प्रक्रिया को जल्दी शुरू करने की मांग की थी। उनका कहना था कि फसल की कटाई का काम शुरू हो चुका है और यदि सरकारी खरीद समय पर नहीं होती, तो उन्हें अपनी फसल को स्थानीय आढ़तियों को कम दाम पर बेचना पड़ सकता है।


कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि समय पर खरीद शुरू होने से मंडियों में भीड़भाड़ से बचा जा सकेगा। इससे फसल की आवक क्रमबद्ध तरीके से होगी, जिससे न तो मंडियों में जाम लगेगा और न ही बारदाने की कमी आएगी। इसका सीधा लाभ किसानों को होगा, जो बिना किसी तनाव के सरकारी केंद्रों पर अपनी फसल तौलवा सकेंगे।


भुगतान की प्रक्रिया में सुधार

इस बार खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि मंडियों में बुनियादी सुविधाओं से लेकर फसल के उठान तक की पूरी व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए।


खरीद केंद्रों पर छाया, पीने का साफ पानी और फसल की नमी मापने के उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। किसानों की सबसे बड़ी चिंता भुगतान को लेकर रहती है, इसलिए इस बार भी सीधे उनके बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को मजबूत किया गया है।


सरकार ने इस खरीद अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए छह प्रमुख एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, हरियाणा राज्य कृषि मार्केटिंग बोर्ड (HSAMB), हरियाणा राज्य वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (HSWC), हैफेड (HAFED), नाफेड (NAFED) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) शामिल हैं। इन सभी को एक साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।


किसानों के हित में सरकार का दावा

विपक्ष के आरोपों को दरकिनार करते हुए कृषि मंत्री ने सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा आज पूरे देश में एक उदाहरण बनकर उभरा है।


न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बड़ा दावा: "हरियाणा भारत का एकमात्र राज्य है जो केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार सभी 24 फसलों की शत-प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित करता है।" - श्याम सिंह राणा, कृषि मंत्री


राणा ने कहा कि हमारी सरकार की नीति और नीयत दोनों स्पष्ट हैं; हम मंडियों में आने वाले अनाज के हर दाने की कीमत चुकाने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। इस निर्णय के बाद कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर के सूरजमुखी किसानों ने राहत की सांस ली है।