इंस्टाग्राम का नया टूल: बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को बढ़ावा
बच्चों की सुरक्षा के लिए इंस्टाग्राम का नया कदम
चंडीगढ़, 15 मई। इंस्टाग्राम ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। कंपनी ने एक नया सुपरविजन टूल पेश किया है, जिससे माता-पिता अपने किशोर बच्चों की इंस्टाग्राम गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे। आजकल, बच्चों और युवाओं के बीच इंस्टाग्राम रील्स और फोटो शेयरिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे माता-पिता की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मेटा ने यह नया प्राइवेसी और सुरक्षा टूल विकसित किया है, जो बच्चों के अकाउंट के एल्गोरिदम को समझने में मदद करेगा।
पैरेंट्स को मिलेगा कंटेंट पर नजर रखने का मौका
पैरेंट्स देख सकेंगे बच्चों की रील्स और फीड का कंटेंट
इस नए सुपरविजन टूल की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसके माध्यम से माता-पिता यह देख सकेंगे कि उनके बच्चों के इंस्टाग्राम फीड, रील्स और एक्सप्लोर सेक्शन में क्या सामग्री प्रदर्शित की जा रही है। आमतौर पर, सोशल मीडिया ऐप्स का एल्गोरिदम उपयोगकर्ता की रुचियों के अनुसार सामग्री दिखाता है। अब इस टूल की सहायता से माता-पिता को यह स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि उनके बच्चे की रुचि किन विषयों में है। यह टूल विशेष रूप से किशोरों के अकाउंट को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि उनकी प्राइवेसी और सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहे।
बदलती रुचियों पर मिलेगी तात्कालिक सूचना
बच्चे के इंटरेस्ट बदलते ही मिलेगा नोटिफिकेशन
मेटा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह सुपरविजन टूल पिछले साल लॉन्च हुए 'योर एल्गोरिदम' फीचर पर आधारित है। नया टूल इस प्रकार कार्य करता है कि यदि कोई बच्चा अपनी रुचियों में कोई नई श्रेणी जोड़ता है, तो सिस्टम तुरंत माता-पिता को एक ऑटोमैटिक नोटिफिकेशन भेज देगा। इससे माता-पिता को रीयल-टाइम में पता चलेगा कि बच्चे के फीड में अब किस प्रकार के वीडियो और पोस्ट आ रहे हैं। यह फीचर माता-पिता को बच्चों की बदलती ऑनलाइन आदतों को समझने का एक सीधा साधन प्रदान करता है।
भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए जल्द होगा लॉन्च
भारतीय यूजर्स के लिए जल्द होगा रोलआउट
कंपनी ने इस नए सुपरविजन टूल को पहले चरण में सबसे पहले अंग्रेजी भाषा में लॉन्च किया है। वैश्विक स्तर पर सफल परीक्षण के बाद, कंपनी इसे जल्द ही भारतीय उपयोगकर्ताओं और माता-पिता के लिए भी उपलब्ध कराने जा रही है। भारत में दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में किशोरों के बीच इंस्टाग्राम का उपयोग काफी अधिक है, इसलिए यह टूल स्थानीय माता-पिता के लिए बच्चों की डिजिटल काउंसिलिंग और उनकी सुरक्षा की निगरानी में अत्यंत सहायक साबित होगा।