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कीर्ति आजाद ने बागी सांसदों को 'गद्दार' कहा, पार्टी छोड़ने की दी सलाह

तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने पार्टी के बागी सांसदों को 'गद्दार' कहा और उन्हें पार्टी छोड़ने की सलाह दी। उन्होंने राजनीतिक नैतिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सांसदों को कोई समस्या थी, तो उन्हें चुनाव से पहले इसे उजागर करना चाहिए था। आजाद ने बागी सांसदों की संख्या और भाजपा में विलय के मुद्दे पर भी चर्चा की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने काकोली घोष पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
 

बागी सांसदों पर कीर्ति आजाद की कड़ी टिप्पणी


तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने पार्टी के भीतर बगावत करने वाले सांसदों को 'गद्दार' करार दिया है। उन्होंने कहा कि यदि इन सांसदों को कोई समस्या है, तो उन्हें पार्टी छोड़ देनी चाहिए।


पश्चिम बंगाल में हालिया हार के बाद लगभग 20 सांसदों के बागी होने की खबरें सामने आई हैं। इस संदर्भ में मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कीर्ति आजाद ने कहा, "पश्चिम बंगाल में 'मां-माटी-मानुष' के नाम पर टीएमसी के 29 सांसद चुनाव जीते थे, जिनमें से एक का निधन हो चुका है और अब 28 सांसद बचे हैं।"


बागी सांसदों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा, "मैं जानना चाहता हूं कि यदि आपको कोई परेशानी थी, तो आपने चुनाव के बाद ही क्यों इसे उजागर किया? यह मुद्दा चुनाव से पहले उठाना चाहिए था। चुनाव के बाद आपने कई आरोप लगाए हैं। सुखेंदु शेखर रॉय ने भी आरोप लगाए हैं, जिनकी सत्यता की जांच होनी चाहिए। नैतिकता के आधार पर उन्होंने टीएमसी से इस्तीफा दिया। यदि बागी सांसदों में भी राजनीतिक नैतिकता है, तो उन्हें भी इस्तीफा देना चाहिए।"


उन्होंने आगे कहा कि यदि भाजपा इन बागी सांसदों को स्वीकार करती है, तो यह स्पष्ट नहीं है कि कितने सांसद उनके साथ हैं। यदि संख्या दो-तिहाई है, तो उन्हें भाजपा में विलय करना होगा।


कीर्ति आजाद ने कहा, "यदि आपका इरादा यही है, तो इसे स्पष्ट रूप से बताएं, बजाय इसके कि उन कार्यकर्ताओं के साथ धोखा करें जिन्होंने पार्टी को खड़ा किया है।"


उन्होंने काकोली घोष पर भी तीखी टिप्पणी की, यह कहते हुए कि उन्हें ममता बनर्जी ने सांसद बनाया था, जबकि वे पांच बार चुनाव हार चुकी थीं।