पश्चिम बंगाल में सीआईडी की छापेमारी, टीएमसी नेता ने रोका
सीआईडी की कार्रवाई का सामना
पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) की एक टीम ने मंगलवार को कोलकाता के कालीघाट में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निवास के पास स्थित तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में छापेमारी की।
हालांकि, पार्टी के पूर्व राज्यसभा सदस्य सुभाषिश चक्रवर्ती ने सीआईडी टीम को कार्यालय के प्रवेश द्वार पर रोक दिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ तीखी बहस की और कहा कि चूंकि ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी दोनों कोलकाता में नहीं हैं, इसलिए वे सीआईडी अधिकारियों को अंदर नहीं जाने देंगे।
सीआईडी अधिकारियों ने उन्हें बताया कि वे जांचकर्ता हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने आए हैं, लेकिन चक्रवर्ती ने बहस जारी रखी।
सीआईडी अधिकारियों ने चक्रवर्ती को बताया कि वे अपना कर्तव्य निभाने आए हैं। एक अधिकारी ने उनसे पूछा, "क्या आप हमें अपने कर्तव्य से रोक रहे हैं?" इस पर चक्रवर्ती ने कहा, "मैं आपको रोक नहीं रहा, लेकिन मैंने आपको अपनी स्थिति से अवगत कराया है।"
इस बीच, मौके पर मौजूद सीआईडी अधिकारी अपने उच्च अधिकारियों के निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे थे। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कुछ जवान भी वहां पहुंच चुके थे।
अभिषेक बनर्जी को मंगलवार शाम 5 बजे तक सीआईडी कार्यालय में पेश होना था, जहां उन्हें तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों के मिलान में गड़बड़ी के मामले में पूछताछ की जानी थी।
यह अभिषेक बनर्जी को सीआईडी द्वारा जारी किया गया तीसरा नोटिस है।
सूत्रों के अनुसार, अभिषेक और ममता बनर्जी इस समय नई दिल्ली में हैं, जहां उन्होंने विपक्षी इंडिया गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया।