प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति में बदलाव: जयशंकर का बयान
नई दिल्ली में विदेश मंत्री का बयान
नई दिल्ली: मंगलवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की विदेश नीति में जो बदलाव आया है, वह अद्वितीय है। उन्होंने यह भी बताया कि आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाएं अब अधिक सुलभ हो गई हैं और विदेशों में रहने वाले भारतीयों को पहले से ज्यादा सहायता प्राप्त हो रही है।
सरल प्रक्रिया से मिली राहत
जयशंकर ने कहा कि पासपोर्ट जारी करने और दस्तावेज़ों के सत्यापन की प्रक्रिया को काफी सरल बनाया गया है। पहले जो कार्य हफ्तों में होते थे, अब वे कुछ ही दिनों में पूरे हो जाते हैं। आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, जिससे लाखों लोगों को राहत मिली है और विदेश यात्रा की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है।
संकट में भारतीयों की सुरक्षा
विदेश मंत्री ने बताया कि यूक्रेन, इज़रायल, अफगानिस्तान और सूडान जैसे संकटग्रस्त देशों से भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया। इन बचाव अभियानों ने यह साबित किया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। इसके अलावा, शिकायतें दर्ज करने और फीडबैक देने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म भी विकसित किए गए हैं, जिससे विदेशों में बसे भारतीयों को त्वरित सहायता मिल सके।
वैश्विक अवसरों की उपलब्धता
जयशंकर के अनुसार, अब तक 21 मोबिलिटी पार्टनरशिप स्थापित की गई हैं, जिससे भारतीयों को विश्व के प्रमुख कार्यस्थलों तक पहुंचने का अवसर मिला है। इसके साथ ही, भारतीय व्यवसायों को विदेशी बाजारों में स्थान दिलाने और निर्यात को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है। विकास परियोजनाओं के माध्यम से भारतीय उत्पाद और सेवाएं नए बाजारों तक पहुंच रही हैं।
संस्कृति और कल्याण पर जोर
विदेश में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं। भारतीय संस्कृति, विरासत और परंपराओं को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाने के प्रयास भी तेज हुए हैं। विदेशों में 44 नए दूतावास और वाणिज्य दूतावास खोले गए हैं। जयशंकर ने गर्व से कहा कि आज भारतीय नागरिक पहले से अधिक आत्मविश्वास और गर्व के साथ विदेश यात्रा करते हैं।