मार्को रूबियो की भारत यात्रा: नई सुविधाओं का उद्घाटन और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
नई दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री का कार्यक्रम
नई दिल्ली: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत में चार दिवसीय यात्रा के दौरान नई दिल्ली में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने अमेरिकी दूतावास के नए सपोर्ट एनेक्स और कॉन्सुलर विंग का उद्घाटन किया। रूबियो का अंदाज इस कार्यक्रम में हल्का-फुल्का और दिल को छू लेने वाला था।
उद्घाटन समारोह में, रूबियो ने नई इमारत पर लगी आधिकारिक पट्टिका का अनावरण किया। पट्टिका का पर्दा हटाते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'यह मेरी पहली पट्टिका है। इसलिए जब मेरे पोते-पोतियां 100 साल बाद भारत आएंगे, तो वे इसे देखेंगे। यह सच में अद्भुत होगा।'
अमेरिकी राजदूत का बयान
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने क्या कहा?
रूबियो का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और इसे भारत-अमेरिका संबंधों की गर्मजोशी का प्रतीक माना गया। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस कार्यक्रम की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा, 'नई दिल्ली में हमारे नए सपोर्ट एनेक्स भवन के उद्घाटन समारोह में मार्को रूबियो के साथ होना मेरे लिए गर्व की बात थी। यह आधुनिक सुविधा अमेरिकी और भारतीय लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, और यह अमेरिका-भारत साझेदारी की मजबूत नींव को और अधिक सुदृढ़ करेगी।'
मार्को रूबियो का बयान
मार्को रूबियो ने क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट करते हुए, रूबियो ने कहा, 'मैंने नई दिल्ली स्थित हमारे दूतावास में नए कॉन्सुलर विंग का उद्घाटन किया है। यह विंग अमेरिकी सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगा। वीजा से जुड़ा हर निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित होता है और मुझे गर्व है कि यहां कार्यरत अमेरिकी अधिकारी राष्ट्रपति ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' विदेश नीति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।'
अपनी भारत यात्रा के दौरान, रूबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। इस बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई। बैठक के बाद, रूबियो ने X पर लिखा, 'नई दिल्ली में मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और अमेरिका-भारत संबंधों के महत्व पर जोर दिया। हमने मध्य पूर्व की स्थिति, ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी, महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग पर चर्चा की। मुझे राष्ट्रपति की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण देते हुए खुशी हुई।'