दिल्ली में धूल भरी आंधी का अलर्ट: जानें कब और कैसे करें तैयारी
दिल्ली में मौसम में बदलाव
नई दिल्ली: दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों में मौसम में अचानक बदलाव आने वाला है। भारतीय मौसम विभाग ने राजधानी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि अगले कुछ घंटों में तेज धूल भरी आंधी आ सकती है। यह आंधी पश्चिम दिशा से उठकर राजस्थान और हरियाणा को पार करते हुए दिल्ली-एनसीआर की ओर बढ़ रही है।
धूल भरे तूफान का समय
कब होगा सबसे ज्यादा असर?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन घंटों में दिल्ली में धूल भरा तूफान पहुंच सकता है। इसका सबसे अधिक प्रभाव रात 8 बजे से 10 बजे के बीच देखने को मिल सकता है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ धूल का गुबार पूरे क्षेत्र में फैल सकता है, जिससे लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
तूफान की गति और प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तूफान के दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के कारण सड़क पर दृश्यता कम हो सकती है, इसलिए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। धूल की मोटी परत आसमान को ढक सकती है, जिससे वातावरण धुंधला दिखाई देगा।
वायु गुणवत्ता पर प्रभाव
इस मौसम के बदलाव का असर केवल दृश्यता पर नहीं, बल्कि वायु गुणवत्ता पर भी पड़ेगा। पहले से ही खराब हवा के बीच धूल भरी आंधी से प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। मौसम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों का मानना है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में गिरावट आने की संभावना है, जिससे सांस संबंधी समस्याओं वाले लोगों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
गर्मी की स्थिति
दिल्ली इस समय भीषण गर्मी का सामना कर रही है। रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। लगातार बढ़ती गर्मी और तेज धूप ने लोगों को परेशान कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक हीटवेव की स्थिति बने रहने की चेतावनी भी जारी की है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का क्या कहना है?
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्म हवाओं और धूल भरे मौसम का प्रभाव और बढ़ सकता है। हालांकि, तेज आंधी और हवाओं के कारण कुछ समय के लिए तापमान में हल्की गिरावट महसूस हो सकती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को भी धीमी गति से वाहन चलाने और सतर्क रहने को कहा गया है।