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पटना में खान सर को मिली राहत, रौशन आनंद की जमानत पर फैसला सुरक्षित

पटना में खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर से जुड़े विवाद में अदालत ने खान सर को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी है। वहीं, ज्ञान बिंदु एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा गया है। इस मामले में पुलिस ने रौशन आनंद और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और अदालत के निर्णय के पीछे की वजहें।
 

पटना में विवादास्पद गोलीबारी मामले में अदालत का निर्णय


बिहार: पटना में खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर से जुड़े विवादास्पद गोलीबारी और मारपीट के मामले में मंगलवार को अदालत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। प्रसिद्ध शिक्षक फैजल खान, जिन्हें खान सर के नाम से जाना जाता है, को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिली है, जबकि ज्ञान बिंदु एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है।


खान सर के वकील अरविंद कुमार मउआर ने बताया कि अदालत के आदेश का मतलब है कि अगली सुनवाई या किसी नए न्यायिक आदेश तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती। इस दौरान खान सर अपनी सामान्य गतिविधियों को जारी रख सकते हैं और कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र रहेंगे। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर सकती हैं।


रौशन आनंद की जमानत पर सुनवाई

रौशन आनंद की जमानत पर फैसला सुरक्षित


इसी मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। रौशन आनंद के वकील राघव कुमार ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल पर लगाई गई कुछ धाराएं इस मामले में लागू नहीं होती हैं। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि कथित पीड़ित को लगी चोटें गंभीर नहीं हैं और सभी धाराएं जमानती प्रकृति की हैं। सुनवाई के बाद अदालत ने इस याचिका पर निर्णय बाद में सुनाने का फैसला किया।


रौशन आनंद के निर्दोष होने का दावा

रौशन आनंद निर्दोष हैं- वकील


इससे पहले भी रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई हो चुकी है। उस समय उनके वकील विजय आनंद ने अदालत में दावा किया था कि उनके मुवक्किल का इस घटना से कोई संबंध नहीं है और उन पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। वकील ने अदालत से अनुरोध किया था कि रौशन आनंद को जमानत पर रिहा किया जाए। दूसरी ओर, खान ग्लोबल स्टडीज की तरफ से पेश हुए वकील अरविंद मउआर ने जमानत का विरोध किया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।


आरोपों का विवरण

क्या है आरोप?


पुलिस के अनुसार, रौशन आनंद और उनके कुछ सहयोगियों पर खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में घुसने और वहां तैनात एक सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट करने का आरोप है। जांच में यह सामने आया कि सुरक्षाकर्मी को संस्थान के अंदर से बाहर सड़क पर खींचकर ले जाया गया और उसके साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गया। इस मामले में पुलिस ने रौशन आनंद, अभिषेक कुमार और गौरव कुमार को गिरफ्तार कर 3 जून 2026 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। प्राथमिकी पटना के कदमकुआं थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।


घटना का पूरा विवरण

क्या है पूरा मामला?


पूरा विवाद 2 जून की रात हुई एक घटना से संबंधित है। आरोप है कि उस रात कुछ लोगों ने खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की और वहां पथराव किया। इस दौरान संस्थान की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और एक सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की गई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद मामला चर्चा में आया। इसके आधार पर कोचिंग प्रबंधन ने रौशन आनंद समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।


बाद में एक दूसरा वीडियो भी सामने आया, जिसमें कोचिंग परिसर के भीतर दो सुरक्षाकर्मी फायरिंग करते दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियों का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों गार्डों ने स्वीकार किया कि उन्होंने फायरिंग की थी। इसी आधार पर पुलिस ने खान सर के खिलाफ भी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से संबंधित आरोप शामिल हैं।