बिहार में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी पर हमला: क्या है पीछे की कहानी?
पटना में हुआ हमला
पटना: बिहार के गया जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के नेता जीतनराम मांझी पर एक कार्यक्रम के दौरान हमला करने का प्रयास किया गया। शुक्रवार शाम को खिजरसराय में एक प्राइवेट स्कूल के आयोजन में जब मंत्री भाषण दे रहे थे, तभी कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। हालांकि, यह सौभाग्य की बात रही कि पत्थर उनके बहुत करीब गिरने के बावजूद उन्हें कोई चोट नहीं आई। इस घटना से कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई।
सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित किया
घटना के तुरंत बाद, वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, पत्थरबाजी के पीछे की असली वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रशासन का कहना है कि वे मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह घटना किसी साजिश का हिस्सा थी।
क्या सुरक्षा में हुई चूक?
हमले की कोशिश के बाद प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई और सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया। इस घटना को केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में एक बड़ी चूक माना जा रहा है। जीतनराम मांझी ने कहा कि उन्होंने पत्थर आते हुए नहीं देखा, लेकिन कुछ लोग विकास और अच्छे कार्यों को बाधित करना चाहते हैं।
पिछले हमलों का संदर्भ
हाल के दिनों में मांझी और उनके परिवार को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। कुछ दिन पहले उनकी समधन और विधायक ज्योति मांझी के साथ भी कथित दुर्व्यवहार और हमला हुआ था। पुलिस ने पहले ही सोशल मीडिया पर धमकी देने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन हमले और धमकियों के पीछे की असली वजह क्या है, इसे लेकर जांच जारी है।