ऋषभ पंत का वायरल वीडियो: AI तकनीक से बनी फर्जी घटना का खुलासा
सोशल मीडिया पर छाए ऋषभ पंत
नई दिल्ली: भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया गया है कि पंत ने एक जोरदार शॉट खेला, जिससे एक ड्रोन कैमरा गेंद लगने के कारण गिर गया। लाखों लोगों ने इसे देखा और कई ने इसे सच मान लिया, लेकिन बाद में इसकी वास्तविकता सामने आई।
वास्तविकता का खुलासा
यह वीडियो किसी वास्तविक मैच का नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से निर्मित सामग्री है। इसे भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए टेस्ट मैच से जोड़कर साझा किया गया था।
कैसे हुआ खुलासा?
हालांकि यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, लेकिन इसकी सच्चाई तब उजागर हुई जब इसे ध्यान से देखा गया। वीडियो में गेंद का रंग सफेद था, जबकि टेस्ट क्रिकेट में हमेशा लाल गेंद का उपयोग होता है। यह एक प्रमुख संकेत था कि वीडियो नकली है। इसके बाद कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसे AI द्वारा निर्मित बताया।
केरल पुलिस का संदेश
इस वायरल वीडियो का उपयोग केरल पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश देने के लिए किया। पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे साझा करते हुए लोगों से दूसरों की निजता का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कई लोग दूसरों के दुख और निजी पलों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध होने की कोशिश करते हैं, जो गलत है।
മറ്റൊരാളുടെ ജീവിതത്തിലേക്കും, സ്വകാര്യതയിലേക്കും മൊബൈൽ ക്യാമറകൾ കൊണ്ടുചെല്ലുന്നവർ അറിയാനാണ്. https://t.co/EcvueuGgIe#keralapolice pic.twitter.com/Vr4cGAYuQI
— Kerala Police (@TheKeralaPolice) June 8, 2026
निजता का अधिकार
केरल पुलिस ने अपने संदेश में बताया कि भारतीय संविधान हर नागरिक को निजता का अधिकार देता है। किसी की अनुमति के बिना उसकी तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड करना, कॉपी करना या इंटरनेट पर साझा करना कानूनी समस्याओं का कारण बन सकता है।
कानूनी प्रावधान
पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66E का भी उल्लेख किया। इस अधिनियम के तहत किसी की निजता का उल्लंघन करना और उसकी तस्वीर या वीडियो सार्वजनिक करना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल और दो लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इस प्रकार, केरल पुलिस ने एक वायरल AI वीडियो के माध्यम से डिजिटल जिम्मेदारी और निजता के संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।