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अमेरिका के लिए वीजा प्रक्रिया में नई प्रीमियम सेवा की शुरुआत

अमेरिकी विदेश विभाग ने भारतीय नागरिकों के लिए एक नई प्रीमियम सेवा की घोषणा की है, जिसके तहत टूरिस्ट और बिजनेस वीजा आवेदक 750 डॉलर का अतिरिक्त शुल्क देकर अपने इंटरव्यू को जल्दी निर्धारित कर सकेंगे। यह योजना 1 जुलाई से शुरू होने की संभावना है और इसका उद्देश्य वीजा अपॉइंटमेंट के लिए लंबी प्रतीक्षा को कम करना है। हालांकि, यह सेवा केवल इंटरव्यू की तिथि को जल्दी करने में मदद करेगी, वीजा की स्वीकृति आवेदक की योग्यता पर निर्भर करेगी।
 

वीजा आवेदकों के लिए नई सुविधा

भारतीय नागरिकों के लिए अमेरिका यात्रा की योजना बनाने में एक नई और महंगी सुविधा का प्रस्ताव किया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग एक पायलट प्रोग्राम की शुरुआत करने जा रहा है, जिसके तहत टूरिस्ट और बिजनेस वीजा के आवेदक 750 डॉलर (लगभग 71,626 रुपये) का अतिरिक्त शुल्क देकर अपने इंटरव्यू को जल्दी निर्धारित कर सकेंगे। यह विकल्प उन लोगों के लिए है जो लंबी प्रतीक्षा से बचना चाहते हैं।


प्रीमियम सर्विस का विवरण

इस प्रस्तावित 'प्रीमियम सर्विस' के अंतर्गत आवेदकों को सामान्य 185 डॉलर वीजा शुल्क के अलावा 750 डॉलर का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। इसके बदले में उन्हें 10 दिनों के भीतर इंटरव्यू स्लॉट मिलने की संभावना होगी। यह योजना फिलहाल एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जा रही है।


पायलट प्रोग्राम की शुरुआत

कब से शुरू होगा पायलट प्रोग्राम?


सूत्रों के अनुसार, यह योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक कुछ विशेष अमेरिकी दूतावासों में लागू की जा सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य वीजा अपॉइंटमेंट के लिए लंबी प्रतीक्षा को कम करना है। विशेष रूप से उन देशों के आवेदकों के लिए यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां वीजा इंटरव्यू के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ता है, जैसे कि भारत।


भारत में वीजा प्रक्रिया

भारत में पहले से ही अमेरिकी B1/B2 वीजा के लिए अपॉइंटमेंट प्राप्त करने में काफी समय लगता है। ऐसे में यह नई सुविधा उन यात्रियों के लिए राहत का कारण बन सकती है जो जल्दी अमेरिका जाना चाहते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह 'प्रीमियम सर्विस' केवल इंटरव्यू को जल्दी कराने की सुविधा प्रदान करेगी। वीजा की स्वीकृति पूरी तरह से इंटरव्यू और आवेदक की योग्यता पर निर्भर करेगी।


नई व्यवस्था के नियम

कड़े नियमों के बीच नई व्यवस्था


ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिका में इमिग्रेशन नियम पहले से ही काफी सख्त हैं। कई आवेदकों पर अतिरिक्त शर्तें जैसे सोशल मीडिया की जांच और सुरक्षा मानकों की समीक्षा लागू की गई हैं। इस नई योजना को राजस्व बढ़ाने और प्रक्रिया को कुछ हद तक सरल बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह पायलट सफल होता है, तो इसे आगे बढ़ाकर दिसंबर 2026 तक लागू किया जा सकता है।