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ट्रंप का ईरान पर कड़ा रुख: नाकेबंदी जारी रहेगी

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ किसी भी समझौते की अनुपस्थिति में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखने की बात कही है। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि वह परमाणु हथियार नहीं बना सकता। ट्रंप ने अब्राहम समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में ईरान भी इस प्रक्रिया में शामिल हो सकता है। जानें ट्रंप के इस मुद्दे पर क्या विचार हैं और ईरान के साथ अमेरिका के संबंधों का क्या भविष्य है।
 

ट्रंप का ईरान के प्रति सख्त संदेश

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता, तब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि वह न तो परमाणु बम बना सकता है और न ही उसे प्राप्त कर सकता है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ईरान अब्राहम समझौते का हिस्सा बन सकता है।


अब्राहम समझौता और ईरान की भूमिका

2020 में अमेरिका की मध्यस्थता से अब्राहम समझौता अस्तित्व में आया, जिसमें खाड़ी देशों और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध स्थापित करने का प्रावधान था। संयुक्त अरब अमीरात ने इसी समझौते के तहत इजरायल को मान्यता दी थी। ट्रंप के अनुसार, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ईरान भविष्य में इजरायल को मान्यता देगा।


ट्रंप की आलोचना और नाकाबंदी की अवधि

रविवार को ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर एक विस्तृत पोस्ट में ओबामा प्रशासन की ईरान के साथ न्यूक्लियर डील की आलोचना की, इसे अमेरिका की सबसे खराब डील बताया। ट्रंप का कहना है कि यह समझौता ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने का सीधा रास्ता प्रदान करता था। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रशासन की बातचीत में कुछ भी सकारात्मक नहीं है।


ट्रंप का ईरान के साथ संबंध

ट्रंप ने कहा, 'बातचीत को व्यवस्थित और रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए। मैंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी डील को लेकर जल्दबाजी न करें, क्योंकि समय हमारे पक्ष में है। जब तक कोई समझौता नहीं होता, तब तक नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी।'


ईरान के परमाणु हथियारों पर ट्रंप का बयान

उन्होंने आगे कहा, 'दोनों पक्षों को अपना समय लेना चाहिए और सब कुछ सही तरीके से करना चाहिए। ईरान को यह समझना होगा कि वे कोई भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बना सकते और न ही उसे प्राप्त कर सकते हैं।'


क्या ईरान अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होगा?

ट्रंप ने मध्य पूर्व के सभी देशों को समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह सहयोग तब और मजबूत होगा जब वे ऐतिहासिक अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान' भी इस प्रक्रिया में शामिल होना चाह सकता है।