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क्या अमेरिका और ईरान के बीच हो रहा है ऐतिहासिक समझौता? ट्रंप ने जताई उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को सकारात्मक दिशा में बढ़ते हुए बताया है। उन्होंने 2015 के समझौते की आलोचना की और कहा कि वर्तमान वार्ता ऐतिहासिक हो सकती है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक कोई अंतिम समझौता नहीं होता, तब तक ईरान पर दबाव जारी रहेगा। उन्होंने खाड़ी देशों का आभार व्यक्त किया और अमेरिका-ईरान संबंधों में सुधार की उम्मीद जताई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी इस बातचीत में सफलता की संभावना का संकेत दिया है।
 

अमेरिकी राष्ट्रपति की सकारात्मक टिप्पणी


नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति, ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। यह समझौता ऐतिहासिक हो सकता है, जिसका उद्देश्य मध्य पूर्व में तनाव को कम करना और तेहरान को परमाणु हथियारों के विकास से रोकना है।


2015 के समझौते पर ट्रंप की आलोचना

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर 2015 में बराक ओबामा द्वारा किए गए ईरान परमाणु समझौते की तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे अब तक का सबसे खराब समझौता बताया और ओबामा प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने ईरान को परमाणु हथियार बनाने का अवसर दिया। ट्रंप ने कहा कि वर्तमान बातचीत पिछले समझौते से पूरी तरह भिन्न है।


बातचीत का व्यवस्थित ढंग

राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि बातचीत एक व्यवस्थित और रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है। उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी समझौते को लेकर जल्दबाजी न की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक बातचीत जारी है, तेहरान पर दबाव कम नहीं होगा।


प्रतिबंधों का जारी रहना

ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी और सभी प्रतिबंध पूरी तरह से लागू रहेंगे। जब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता, तब तक कोई ढील नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि डील तैयार करने में कोई गलती नहीं होनी चाहिए।


अमेरिका-ईरान संबंधों में सुधार

हालांकि ट्रंप ने कड़े रुख अपनाए रखा है, लेकिन उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध अब पहले से अधिक पेशेवर और फलदायी होते जा रहे हैं। फिर भी, उन्होंने दोहराया कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


खाड़ी देशों का आभार

ट्रंप ने मध्य पूर्व के कई देशों को कूटनीतिक प्रक्रिया में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने इस बातचीत को अब्राहम समझौते के तहत क्षेत्रीय सामान्यीकरण की बड़ी सोच से जोड़ा। उनका यह बयान उस समय आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच निर्णायक डील की अटकलें तेज हो गई हैं।


रूबियो का सकारात्मक संकेत

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जो वर्तमान में चार दिन की भारत यात्रा पर हैं, ने संकेत दिया कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में बड़ी सफलता मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि दुनिया को अगले कुछ घंटों में अच्छी खबर मिल सकती है।