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प्रोंटो स्टार्टअप पर निजता का विवाद: एआई और डेटा सुरक्षा के मुद्दे

बेंगलुरु की घरेलू सेवाएं देने वाली स्टार्टअप प्रोंटो ने हाल ही में निजता के विवाद में उलझ गई है। सोशल मीडिया पर एक पत्रकार ने आरोप लगाया कि कंपनी के कर्मचारी ग्राहकों के घरों में छोटे कैमरों के जरिए वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे हैं। प्रोंटो ने अपनी सफाई में कहा है कि किसी भी ग्राहक की अनुमति के बिना रिकॉर्डिंग नहीं की जाती। इस मामले ने एआई तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच डेटा सुरक्षा और निजता के मुद्दों को फिर से उजागर किया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
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प्रोंटो स्टार्टअप पर निजता का विवाद: एआई और डेटा सुरक्षा के मुद्दे

प्रोंटो पर उठे सवाल

हाल के दिनों में एआई और डेटा सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है। इसी संदर्भ में, बेंगलुरु स्थित घरेलू सेवाएं प्रदान करने वाली स्टार्टअप प्रोंटो विवादों में फंस गई है।


सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पत्रकार हर्ष उपाध्याय ने आरोप लगाया कि प्रोंटो के कुछ कर्मचारी ग्राहकों के घरों में छोटे कैमरों के माध्यम से वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये रिकॉर्डिंग कंपनी के निवेशकों की 'फिजिकल एआई' परियोजना के प्रशिक्षण के लिए उपयोग की जा रही हैं।


लोगों की चिंताएं

उपाध्याय की पोस्ट तेजी से वायरल हुई, जिसे दो लाख से अधिक बार देखा गया। इसके बाद, लोगों ने निजता, डेटा सुरक्षा और एआई के बढ़ते उपयोग को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।


प्रोंटो की सफाई

विवाद के बढ़ने पर, प्रोंटो ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी का कहना है कि किसी भी ग्राहक की अनुमति के बिना कोई रिकॉर्डिंग नहीं की जाती है।


कंपनी की जानकारी

प्रोंटो, जो 10 मिनट की घरेलू सेवाएं प्रदान करती है, की स्थापना 23 वर्षीय अंजलि सरदाना ने की थी। कंपनी का दावा है कि एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह से वैकल्पिक है और इसमें बहुत कम ग्राहक शामिल होते हैं।


ग्राहकों की अनुमति

कंपनी ने बताया कि यदि कोई ग्राहक इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनना चाहता, तो कर्मचारी कैमरा लेकर उसके घर नहीं जाते। प्रोंटो के अनुसार, यह अनुमति हर बुकिंग से पहले अलग से ली जाती है और यह स्थायी सहमति नहीं होती।


कैमरे का उपयोग

प्रोंटो ने यह भी कहा कि जिन मामलों में कैमरे का उपयोग होता है, वहां इसे आसानी से देखा जा सकता है और ग्राहकों को इसकी पूरी जानकारी दी जाती है।


डेटा सुरक्षा नियम

कंपनी के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल 0.1 प्रतिशत ग्राहकों तक सीमित है और इसे लागू करने से पहले कई महीनों तक डेटा सुरक्षा नियमों की जांच की गई थी।


कानूनी अनुपालन

प्रोंटो ने दावा किया कि उसकी प्रक्रिया भारत के डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून यानी डीपीडीपी अधिनियम के अनुरूप है। कंपनी ने यह भी कहा कि इस तरह की तकनीक का उपयोग केवल प्रोंटो नहीं, बल्कि अन्य कंपनियां भी कर रही हैं।


निजता का सवाल

हालांकि, इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि एआई तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच लोगों की निजी जिंदगी और डेटा की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।