भारतीय शेयर बाजार में मजबूती, निवेशकों का भरोसा बना
शेयर बाजार की शुरुआत
मुंबई: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक रुख के साथ शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बावजूद, घरेलू निवेशकों के मजबूत विश्वास के चलते दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले और शुरुआती कारोबार में हरे निशान पर बने रहे।
बाजार की स्थिति
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स ने 74000 के स्तर को पार किया और लगभग 300 अंकों की बढ़त के साथ 73832 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं, निफ्टी 50 भी निवेशकों की नई खरीदारी के चलते 23200 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया।
यह तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि छोटे और मझोले शेयरों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1 फीसदी से अधिक की वृद्धि देखी गई, जो दर्शाता है कि बाजार के सभी हिस्सों में निवेशकों का उत्साह मजबूत है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सेक्टर्स
चढ़ने और गिरने वाले सेक्टर्स व शेयर्स
शानदार प्रदर्शन करने वाले शेयर- निफ्टी 50 में ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन और ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी हुई, जिससे बाजार को मजबूती मिली। रियल एस्टेट, फाइनेंशियल सर्विसेज और बैंकिंग सेक्टर में भी मुनाफा देखा गया, जिसमें निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे आगे रहा।
कमजोरी वाले सेक्टर्स- दूसरी ओर, आईटी सेक्टर में थोड़ी बिकवाली हुई, जिससे यह शुरुआती कारोबार में सबसे कमजोर सेक्टर बन गया।
ग्लोबल मार्केट से मिले संकेत
ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेत
दुनिया भर के बाजारों से सकारात्मक रुख ने भारतीय निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है।
अमेरिकी बाजार- पिछले सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुए, जहां एसएंडपी 500 और नैस्डैक दोनों ने बढ़त बनाई। अमेरिकी बाजार की यह तेजी अक्सर भारतीय बाजारों पर भी प्रभाव डालती है।
एशियाई बाजार- एशिया के अन्य बाजारों में भी मजबूती रही। जापान का निक्केई सूचकांक अच्छे मुनाफे में रहा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी पुरानी गिरावट से उबरकर तेजी से ऊपर बढ़ा।
जियो-पॉलिटिकल हालात और कच्चे तेल का असर
जिओ-पॉलिटिकल हालात और कच्चे तेल का असर
मिडिल ईस्ट के हालातों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। खबरों के अनुसार, ईरान ने इजरायल पर अपने सैन्य हमलों को कुछ समय के लिए रोक दिया है, लेकिन चेतावनी दी है कि अगर तनाव बढ़ा तो वह सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
इस बीच, युद्ध का खतरा थोड़ा टलने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में कमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक होती है।
बाजार में दो अलग-अलग ट्रेंड
बाजार में इस समय दो अलग-अलग ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं.
विदेशी संस्थागत निवेशक- विदेशी निवेशक लगातार नौवें दिन भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं। उन्होंने कैश मार्केट में हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे और इंडेक्स फ्यूचर्स में भी अपनी पोजीशन कम की।
घरेलू संस्थागत निवेशक: विदेशी निवेशकों की बिकवाली को भारतीय संस्थागत निवेशकों ने संभाला है। भारतीय निवेशक लगातार 15वें सत्र में शुद्ध खरीदार बने रहे, जिससे बाजार को गिरने से बचाया गया।
अंत में, पिछले सत्र में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया थोड़ा कमजोर हुआ, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मामूली बढ़त देखी गई। कुल मिलाकर, वैश्विक चुनौतियों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद, भारतीय निवेशकों के समर्थन से शेयर बाजार का माहौल सकारात्मक बना हुआ है।
