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रुपये में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर

मंगलवार को रुपये ने 20 पैसे की बढ़त के साथ 95.41 प्रति डॉलर का स्तर छू लिया, जो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर सूचकांक में नरमी के कारण संभव हुआ। इजराइल और ईरान के बीच तनाव में कमी ने बाजार की धारणा को बेहतर किया। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि रुपये का स्तर 95.40 से 95.80 के बीच रह सकता है। घरेलू शेयर बाजार में भी तेजी देखी गई, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बिकवाली की। जानें इस विषय पर और अधिक जानकारी।
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रुपये में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर

रुपये की स्थिति में सुधार

वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में कमी और डॉलर के सूचकांक में नरमी के चलते मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपये ने 20 पैसे की बढ़त के साथ 95.41 प्रति डॉलर का स्तर छू लिया।


विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, इजराइल और ईरान के बीच तनाव में कमी के संकेतों ने बाजार की धारणा को बेहतर किया, जिससे रुपये को समर्थन मिला।


अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये की शुरुआत 95.47 पर हुई, जो बाद में 95.41 तक पहुंच गई।


रुपये की स्थिति का विश्लेषण

यह पिछले बंद स्तर की तुलना में 20 पैसे की वृद्धि को दर्शाता है।


सोमवार को रुपये ने 43 पैसे की गिरावट के साथ 95.61 प्रति डॉलर पर बंद किया था।


विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में रुपये का स्तर 95.40 से 95.80 प्रति डॉलर के बीच रह सकता है, हालांकि इसमें हल्की कमजोरी बनी रह सकती है।


आईएफए ग्लोबल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की कीमतों के कारण रुपये पर दबाव बना रह सकता है।


डॉलर सूचकांक और तेल बाजार की स्थिति

इस बीच, अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत गिरकर 99.98 पर आ गया।


वैश्विक तेल बाजार में भी नरमी देखी गई, जहां ब्रेंट क्रूड वायदा 0.99 प्रतिशत गिरकर 93.32 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।


घरेलू शेयर बाजार की स्थिति

घरेलू शेयर बाजार में भी शुरुआती कारोबार में तेजी का अनुभव हुआ। सेंसेक्स 350.57 अंक बढ़कर 73,874.83 पर और निफ्टी 114.50 अंक बढ़कर 23,237.50 पर पहुंच गया।


हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 5,555.67 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।


भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मार्च तिमाही में भारत का चालू खाते का अधिशेष 7.1 अरब डॉलर रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में चालू खाते का घाटा 25.2 अरब डॉलर रहा।