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NEET UG पेपर लीक विवाद पर शिक्षा मंत्री का बयान और नई घोषणाएं

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET UG पेपर लीक विवाद पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी और परीक्षा को 21 जून को पुनः आयोजित करने की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने छात्रों को परीक्षा केंद्र चुनने की अनुमति देने और अगले वर्ष से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित बनाने की बात कही। जानें इस मामले में और क्या कुछ कहा गया है।
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NEET UG पेपर लीक विवाद पर शिक्षा मंत्री का बयान और नई घोषणाएं

शिक्षा मंत्री का सख्त बयान


NEET UG पेपर लीक मामले में चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी और कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने नीट परीक्षा के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की हैं।


परीक्षा की नई तिथि और सुरक्षा उपाय

धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह परीक्षा 21 जून को पुनः आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। छात्रों और उनके अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे केवल NTA द्वारा दिए गए अपडेट पर भरोसा करें और अन्य स्रोतों से जानकारी न लें।


सीबीआई जांच और परीक्षा के नए नियम

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बार जांच सीबीआई को सौंपी गई है ताकि मामले का जल्द समाधान हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि री-एग्जाम का एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी किया जाएगा और छात्रों को इस परीक्षा में 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।


इसके अलावा, छात्रों को अपने परीक्षा केंद्र चुनने की अनुमति दी जाएगी, ताकि यात्रा का बोझ कम हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के माध्यम से आयोजित किया जाएगा, जिससे OMR शीट पर होने वाले पेपर लीक के खतरे को कम किया जा सके।


परीक्षा रद्द करने का निर्णय

धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा रद्द करने के पीछे के कारणों को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है, ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो। उन्होंने एनटीए में सुधार की आवश्यकता को भी स्वीकार किया। पिछले वर्ष भी परीक्षा में गड़बड़ी के मामले सामने आए थे। उन्होंने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।