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नजफगढ़ क्षेत्र में 860 करोड़ रुपये की लागत से 12 नए सीवेज प्लांट स्थापित होंगे

दिल्ली सरकार ने नजफगढ़ क्षेत्र में 860 करोड़ रुपये की लागत से 12 नए सीवेज प्लांट स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि ये प्लांट यमुना नदी के पुनर्जीवन और जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इसके अलावा, केशोपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी और भूजल स्तर सुधारने के लिए वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया जाएगा। इस योजना से 7 लाख लोगों को लाभ मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
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नजफगढ़ क्षेत्र में 860 करोड़ रुपये की लागत से 12 नए सीवेज प्लांट स्थापित होंगे

नजफगढ़ क्षेत्र को तोहफा: अमृत योजना के तहत 860 करोड़ रुपये से लगेंगे 12 नए सीवेज प्लांट

केशोपुर एसटीपी का होगा कायाकल्प, 122 करोड़ रुपये से बढ़ेगी क्षमता, 7 लाख लोगों को मिलेगा सीधा फायदा: सीएम रेखा गुप्ता


भूजल स्तर सुधारने को दिल्ली सरकार गंभीर, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए नियुक्त होंगे एक्सपर्ट्स


दिल्ली को स्वच्छ, हरित और जल-सुरक्षित राजधानी बनाना हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता


नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार यमुना नदी के पुनर्जीवन और नजफगढ़ ड्रेन की सफाई के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने दिल्ली जल प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट और जलापूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता राजधानी के प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएं देना और दिल्ली को एक स्वच्छ, हरित और जल-सुरक्षित राजधानी बनाना है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि नजफगढ़ क्षेत्र में 12 नए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) लगाने की मंजूरी दी गई है। करीब 860 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन प्लांटों की कुल क्षमता 46.5 एमजीडी होगी और इन्हें केंद्र सरकार की अमृत (AMRUT) योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इनमें मित्राऊं में 17 एमजीडी क्षमता का डीएसटीपी बनाया जाएगा। इसके अलावा कैर, कांगनहेड़ी, ककरोला और दिचाऊं कलां में 4, गालिबपुर, सारंगपुर और शिकारपुर में 3 और हसनपुर, जाफरपुर, काजीपुर और खेड़ा डाबर में 4 डीएसटीपी स्थापित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से 121 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों, 35 गांवों और लगभग सात लाख लोगों को लाभ मिलेगा। साथ ही, अनुपचारित सीवेज को नजफगढ़ ड्रेन में जाने से रोका जा सकेगा, जिससे यमुना की सफाई और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि केशोपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पहले चरण का अपग्रेडेशन और क्षमता विस्तार किया जाएगा। इसके तहत प्लांट की क्षमता 12 एमजीडी से बढ़ाकर 18 एमजीडी की जाएगी। करीब 122 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के जरिए उपचारित जल की गुणवत्ता को नवीनतम मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना में 11 वर्षों तक संचालन और रखरखाव (ओएंडएम) की व्यवस्था भी शामिल होगी। इससे रिसाइकल्ड पानी के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और जल संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भूजल स्तर में सुधार और जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। अब दिल्ली जल बोर्ड विभिन्न विभागों की ओर से नए वर्षा जल संचयन ढांचों का निर्माण और पुराने ढांचों के पुनर्स्थापन का कार्य करेगा। इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए चार ग्राउंड वॉटर एक्सपर्ट्स और दस रेन वाटर हार्वेस्टिंग सोशल मोबिलाइजर्स की नियुक्ति भी की जाएगी।


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि त्रिलोकपुरी विधानसभा क्षेत्र में अमीचंद चौक से पुराना कल्याणपुरी सीवेज पंपिंग स्टेशन तक लगभग 57 करोड़ रुपये की लागत से प्रमुख ट्रंक सीवर लाइन का पुनर्वास किया जाएगा। यह लाइन 40 वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी है और पिछले कुछ वर्षों में इसमें कई बार धंसाव और तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं। नई परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और प्रभावी बनेगी। इसका अलावा, शाहदरा विधानसभा क्षेत्र के रोहतास नगर में 0.72 एमजीडी क्षमता वाला नया अंडरग्राउंड रिजर्वायर (यूजीआर) और बूस्टर पंपिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। लगभग 27 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से स्थानीय जलापूर्ति प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा।


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है कि राजधानी में उपलब्ध प्रत्येक संसाधन का उपयोग जनता की सुविधाओं और विकास के लिए किया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में दिल्ली जल प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और यमुना पुनर्जीवन के क्षेत्र में देश के लिए उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगी। उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों, अभियंताओं, फील्ड स्टाफ और सभी जनप्रतिनिधियों को इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं और निर्णयों के लिए बधाई देते हुए कहा कि इन पहलों से लाखों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और दिल्ली को साफ, हरा और जल-सुरक्षित राजधानी बनाने के संकल्प को नई शक्ति प्राप्त होगी।