Newzfatafatlogo

गीता जयंती पर सामूहिक श्लोक पाठ का आयोजन

गीता जयंती के अवसर पर जींद में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सामूहिक श्लोक पाठ और शोभायात्रा शामिल थी। स्वामी ज्ञानानंद महाराज की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों और कैदियों ने एक साथ गीता के श्लोकों का उच्चारण किया। अरविंद खुराना ने गीता पाठ के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी से प्रेम और एकता का संदेश दिया। जानें इस कार्यक्रम की और भी खास बातें।
 | 
गीता जयंती पर सामूहिक श्लोक पाठ का आयोजन

गीता जयंती के अवसर पर कार्यक्रमों की श्रृंखला


गीता जयंती के अवसर पर, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज की प्रेरणा से श्री कृष्णा कृपा सेवा समिति द्वारा कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें से एक प्रमुख कार्यक्रम था, जिसमें स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने एक साथ एक मिनट के लिए गीता पाठ का आयोजन किया। इस दौरान जींद के विभिन्न स्कूलों में छात्रों ने एक साथ गीता के तीन श्लोकों का उच्चारण किया। ये श्लोक गीता के आरंभ, मध्य और अंत के थे।


शोभायात्रा का आयोजन

कई सामाजिक संगठनों ने भी इस अवसर पर अपने सदस्यों के साथ इन श्लोकों का पाठ किया। जिला जींद के कारागार में भी, सुबह 11 बजे सभी कैदियों ने समिति के सदस्यों की उपस्थिति में इन श्लोकों का उच्चारण किया। समिति के महासचिव अरविंद खुराना ने बताया कि सुबह एक शोभायात्रा का आयोजन भी किया गया, जो श्री महावीर मंदिर से शुरू होकर श्रीकृष्णा कृपा आश्रम संत नगर में समाप्त हुई। इस शोभायात्रा में श्रीमद् भागवत गीता की महिमा का गुणगान किया गया।


गीता पाठ का महत्व

अरविंद खुराना ने कहा कि नियमित गीता पाठ करने से व्यक्ति अपने जीवन को सफल बना सकता है। गीता के 12वें अध्याय में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि जो भक्त किसी से ईर्ष्या नहीं रखता और सभी से प्रेम करता है, वह मुझे प्रिय है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हम सब मिलकर प्रेम से जियें और किसी से ईर्ष्या न करें, तभी हम भगवान के निकट जा सकते हैं।


अधिक जानकारी के लिए पढ़ें

यह भी पढ़े : Jind News : मौत के दस दिन बाद फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से जुटाए साक्ष्य