गीता श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता का सफल आयोजन
प्रतियोगिता का आयोजन
राजकीय महिला महाविद्यालय में गीता जयंती के अवसर पर गीता श्लोक उच्चारण और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य जयनारायण गहलोत ने की। महाविद्यालय की छात्राओं ने इस प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने गीता के विभिन्न अध्यायों से चुने गए श्लोकों का सही उच्चारण, स्वर सौंदर्य और भावार्थ के साथ प्रस्तुत किया।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में गीता के अध्यायों, महत्वपूर्ण सिद्धांतों, पात्रों और गीता के दार्शनिक पहलुओं पर आधारित प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में उत्साह से भाग लिया और गीता के ज्ञान के प्रति अपनी रुचि दिखाई। निर्णायक मंडल में डा. अमरजीत कौर, डॉ. उर्मिल शर्मा और अनीता देवी शामिल थे, जिन्होंने उच्चारण की शुद्धता, भावाभिव्यक्ति और आत्मविश्वास के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
जीवन-प्रबंधन का मार्गदर्शक
श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा वर्षा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि द्वितीय स्थान पर बीए प्रथम वर्ष की छात्रा अन्नु और तृतीय स्थान पर बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा ईशा रहीं। प्राचार्य जयनारायण गहलोत ने कहा कि भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन-प्रबंधन का एक सार्वभौमिक मार्गदर्शक है, जो युवा पीढ़ी को कर्तव्य, अनुशासन और आत्मविश्वास की दिशा में मार्गदर्शन करता है।
कार्यक्रम का समापन
उन्होंने इस प्रकार के सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजनों को विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के अंत में संस्कृत विभाग की अध्यक्षा डा. सुमन ने प्राचार्य, निर्णायक मंडल और सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। यह आयोजन महाविद्यालय की छात्राओं के सांस्कृतिक और वैचारिक गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण योगदान साबित हुआ और विद्यार्थियों में भगवद्गीता के अध्ययन के प्रति नई प्रेरणा प्रदान करने में सफल रहा।
