एयर इंडिया की सुरक्षा में चूक: एक्सपायर सर्टिफिकेट के साथ उड़ान भरने का मामला
नई दिल्ली में एयर इंडिया की सुरक्षा समस्या
नई दिल्ली: टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया हाल ही में एक गंभीर सुरक्षा मुद्दे में उलझ गई है। रिपोर्टों के अनुसार, एयर इंडिया ने एक ऐसा विमान उड़ाया, जिसका 'एयरवर्थिनेस' यानी उड़ान की योग्यता का प्रमाण पत्र समाप्त हो चुका था।
DGCA द्वारा जांच की शुरुआत
24 और 25 नवंबर को 164-सीटर एयरबस A320 ने आठ बार उड़ान भरी, जबकि इसका एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेट वैध नहीं था। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक इंजीनियर ने इस अनियमितता को देखा। इसके बाद, विमान को तुरंत सेवा से हटा दिया गया और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच शुरू कर दी।
एयर इंडिया पर संभावित जुर्माना
DGCA द्वारा जारी एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेट यह सुनिश्चित करता है कि विमान का नियमित रखरखाव हुआ है और वह उड़ान भरने के लिए सुरक्षित है। बिना वैध सर्टिफिकेट वाला विमान उड़ाना गंभीर अपराध माना जाता है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, एयर इंडिया पर भारी जुर्माना लगने की संभावना है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों का निलंबन भी शामिल हो सकता है। एयर इंडिया ने उन सभी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जो इस विमान को एक्सपायर सर्टिफिकेट के साथ उड़ाने के निर्णय में शामिल थे। फिलहाल, यह A320 विमान DGCA की जांच पूरी होने तक ग्राउंडेड है।
बीमा कवरेज पर प्रभाव
इस घटना के कारण एयर इंडिया को बीमा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। एक्सपायर सर्टिफिकेट के साथ विमान उड़ाने पर बीमा कवरेज अमान्य हो सकता है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि बिना यह सुनिश्चित किए कि विमान उड़ान के लिए प्रमाणित है, इसका संचालन करना यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालता है। यह एयरलाइन की सुरक्षा संस्कृति पर सवाल उठाता है। हालांकि, DGCA समय-समय पर निरीक्षण करता है, लेकिन विमान को एयरवर्थी बनाए रखना एयरलाइन की जिम्मेदारी है।
DGCA को सूचना दी गई
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि जैसे ही उन्हें इस मामले की जानकारी मिली, उन्होंने DGCA को सूचित कर दिया और आंतरिक जांच शुरू कर दी। वरिष्ठ इंजीनियरों का कहना है कि आधुनिक सॉफ्टवेयर और CAMO (कंटीन्यूइंग एयरवर्थिनेस मैनेजमेंट ऑर्गनाइजेशन) के जरिए सर्टिफिकेट रिन्यू और रखरखाव के कामों में चूक लगभग असंभव है। आमतौर पर एयरलाइन अपने एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेट को समय से तीन महीने पहले रिन्यू कर देती है और रात में विमान पार्क करने से पहले इंजीनियर दस्तावेजों की जांच करते हैं।
सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं
इस विमान के एक्सपायर सर्टिफिकेट के साथ उड़ान भरने की घटना ने एयर इंडिया की सुरक्षा संस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। DGCA इसे लेवल 1 उल्लंघन के रूप में दर्ज कर सकती है, जो उड़ान सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे पहले भी एयरलाइन को पुराने या एक्सपायर हुए विमान पुर्जों के इस्तेमाल के कारण कारण बताओ नोटिस मिल चुके हैं। इस मामले में CEO कैम्पबेल विल्सन और इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे.
