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दिल्ली के लाल किला कार ब्लास्ट मामले में एनआईए को मिली बड़ी सफलता

दिल्ली के लाल किला कार ब्लास्ट मामले में एनआईए को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मुख्य आरोपी आमिर रशीद अली की कस्टडी को सात दिन और बढ़ा दिया गया है। एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी के बाद कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं। जांच में डॉ. उमर नबी का नाम भी सामने आया है, जो आत्मघाती हमलावरों की भर्ती में शामिल था। एनआईए विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही है ताकि इस साजिश में शामिल सभी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा सके।
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दिल्ली के लाल किला कार ब्लास्ट मामले में एनआईए को मिली बड़ी सफलता

एनआईए की कस्टडी में बढ़ोतरी

दिल्ली के लाल किला कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पटियाला हाउस स्थित स्पेशल एनआईए कोर्ट ने मुख्य आरोपी आमिर रशीद अली की कस्टडी को सात दिन और बढ़ाने की अनुमति दी है। यह निर्णय उस समय आया जब आरोपी को उसकी 10 दिन की एनआईए रिमांड पूरी होने पर अदालत में पेश किया गया। 


आमिर रशीद अली की गिरफ्तारी

आमिर रशीद अली को 16 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी के बाद अदालत से उसकी हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया था ताकि ब्लास्ट से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग और साजिश की जानकारी प्राप्त की जा सके। अदालत ने पहले 10 दिन की रिमांड दी थी, जिसके दौरान एजेंसी ने उससे गहन पूछताछ की।


आत्मघाती हमलावर की साजिश

एनआईए के अनुसार, आमिर उस कार का रजिस्टर्ड मालिक है, जिसका उपयोग आत्मघाती हमलावर ने धमाके के समय किया था। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आमिर ने हमलावर के साथ मिलकर पूरी साजिश बनाई थी और हमले की तैयारी में भी शामिल था। एजेंसी ने दिल्ली पुलिस से केस अपने हाथ में लेने के बाद कई राज्यों में तलाश अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।


डॉ. उमर नबी की भूमिका

जांच एजेंसियों के ध्यान में एक और महत्वपूर्ण नाम डॉ. उमर नबी आया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में पता चला है कि उमर पिछले साल से एक आत्मघाती हमलावर की तलाश में था और वह इस मॉड्यूल को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा था। दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड से पकड़े गए जसीर ने पूछताछ में बताया कि उमर इस साजिश की योजना बना रहा था और हमलावरों की भर्ती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।


एनआईए की छापेमारी

एनआईए लगातार विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही है ताकि इस मॉड्यूल में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान की जा सके और उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ और तकनीकी जांच ने कई नए संदिग्धों की भूमिका को उजागर किया है, जिन पर अब कार्रवाई की जा रही है।