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दिल्ली पुलिस ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया और राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया और राहुल गांधी सहित अन्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हाल ही में दर्ज की गई FIR में 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के जरिए हड़पने का आरोप है। यह मामला 2012 से चर्चा में है और अब ED की जांच के साथ EOW की नई FIR ने इसे फिर से गरमा दिया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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दिल्ली पुलिस ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया और राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली में नया मोड़


नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नेशनल हेराल्ड से संबंधित एक पुराने मामले में नया मोड़ लाया है। हाल ही में 3 अक्टूबर 2025 को दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं और छह अन्य व्यक्तियों तथा कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप

इस FIR के अनुसार, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL), जिसकी संपत्ति लगभग 2,000 करोड़ रुपये है, को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के माध्यम से हड़पने का आरोप है। AJL वह कंपनी है जो पहले नेशनल हेराल्ड, क़ौमी आवाज़ और नवजीवन प्रकाशन का संचालन करती थी। आरोप है कि यह सब यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के जरिए किया गया, जिसमें गांधी परिवार की 76 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है।


ED की शिकायत पर FIR दर्ज

यह प्राथमिकी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेशन यूनिट (HIU) द्वारा दी गई विस्तृत शिकायत पर आधारित है। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) का उपयोग करते हुए दिल्ली पुलिस को यह मामला सौंपा था। इस धारा के तहत ED किसी अन्य जांच एजेंसी को अपराध की जांच करने और FIR दर्ज करने का निर्देश दे सकती है।


कोलकाता की शेल कंपनी का संदर्भ

FIR में कोलकाता की Dotex Merchandise Private Limited नामक कंपनी का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इस कथित शेल कंपनी ने यंग इंडियन को एक करोड़ रुपये का लोन दिया था। इसी राशि का उपयोग कर यंग इंडियन ने कांग्रेस पार्टी को केवल 50 लाख रुपये चुकाकर AJL के 99 प्रतिशत से अधिक शेयर अपने नाम कर लिए। बाकी राशि का क्या हुआ, यह जांच का विषय है।


पुराना मामला, नया दृष्टिकोण

नेशनल हेराल्ड मामला 2012 से चर्चा में है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सबसे पहले इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद ED और आयकर विभाग भी सक्रिय हुए। अब EOW की नई FIR से यह मामला फिर से गरमा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ED की PMLA जांच और EOW की आपराधिक जांच एक-दूसरे के पूरक होंगी, जिससे मामले की गहराई और बढ़ जाएगी।