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पुलिस ने मनचलों को सजा देने के लिए सिर मुंडवाकर बाजार में परेड करवाई

अंबाला में पुलिस ने युवतियों से छेड़छाड़ करने वाले पांच आरोपियों को पकड़कर उनके सिर मुंडवाए और बाजार में परेड करवाई। इस अनोखी कार्रवाई के पीछे मंत्री अनिल विज की सख्ती थी, जिन्होंने पुलिस को निर्देश दिया था कि शहर में ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। आरोपी कान पकड़कर माफी मांगते हुए नजर आए। जानें इस मामले की पूरी कहानी और युवती के परिवार की प्रतिक्रिया।
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पुलिस ने मनचलों को सजा देने के लिए सिर मुंडवाकर बाजार में परेड करवाई

पुलिस की नई रणनीति


  • आरोपियों ने कान पकड़कर मांगी माफी
  • मंत्री अनिल विज की सख्ती के बाद हुई कार्रवाई


अंबाला | युवतियों के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस ने एक अनोखी कार्रवाई की है। शुक्रवार को अंबाला कैंट के बाजारों में पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़कर उनके सिर मुंडवाए और उन्हें बाजार में परेड करवाई। इस दौरान आरोपी कान पकड़कर माफी मांगते हुए नजर आए और कहा कि वे आगे से किसी भी लड़की की तरफ नहीं देखेंगे।


आरोपियों की पहचान

पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा है, उनमें मुकुल, लव, संदीप, शुभम और राहुल शामिल हैं। यह सभी युवतियों से छेड़छाड़ के मामले में पकड़े गए हैं। हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने इस मामले में थाना प्रभारी को तलब कर सख्त निर्देश दिए थे कि शहर में ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।


युवती के साथ हुई छेड़छाड़

एक युवती ने आरोप लगाया कि वह रोजाना कंप्यूटर कोर्स के लिए जाती है और रास्ते में मुकुल नाम का युवक उसे परेशान करता था। 26 नवंबर को जब वह सब्जी मंडी के पास पहुंची, तो मुकुल ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उसके साथ छेड़खानी करने लगा। जब युवती ने इसका विरोध किया, तो उसने गाली-गलौज शुरू कर दी।


मंत्री से गुहार

युवती के परिवार ने मंत्री अनिल विज से शिकायत की थी कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद विज ने थाना प्रभारी को बुलाकर उन्हें फटकार लगाई और कहा कि यदि लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं, तो यह सिस्टम की नाकामी है।


पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मंत्री की सख्ती के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। शुक्रवार को अंबाला कैंट पुलिस ने आरोपियों की सरेआम बाजार में परेड करवाई। इस दौरान स्थानीय लोग भी वहां इकट्ठा हो गए। युवती के परिवार ने राहत की सांस ली और कहा कि अगर मंत्री ने सख्ती नहीं दिखाई होती, तो शायद उन्हें न्याय का इंतजार करना पड़ता।