प्रधानमंत्री मोदी की 'मन की बात': युवा रचनाकारों से लेकर स्वच्छता तक की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी की सराहना
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में देशभर में हो रहे नवाचार, जन-उद्यम और समाज सुधार के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने युवा रचनाकारों के संस्कृत भाषा के पुनर्जीवन में योगदान से लेकर भारत की कॉफी को मिल रही अंतरराष्ट्रीय पहचान तक कई सकारात्मक पहलुओं पर चर्चा की।
जन-कल्याण और सामुदायिक सहयोग
पीएम मोदी ने उन मॉडलों की सराहना की जो नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के कारण बड़े जन-आंदोलन का रूप ले रहे हैं। उन्होंने 'GST बचत उत्सव' का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल ने देशभर में उत्साह और जागरूकता को बढ़ावा दिया है।
संस्कृत और कॉफी की वैश्विक पहचान
संस्कृत पुनर्जीवन और भारत की कॉफी को मिली वैश्विक पहचान
प्रधानमंत्री ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में जुटे युवा सृजनकर्ताओं की रचनात्मकता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि युवाओं की यह भागीदारी भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा दे रही है। इसके साथ ही भारत की कॉफी उद्योग को वैश्विक मंच पर मिल रही पहचान को भी उन्होंने गौरव का विषय बताया।
GST बचत उत्सव और जन-भागीदारी
'GST बचत उत्सव' और जन-भागीदारी पर केंद्रित पहलें
पीएम मोदी ने 'GST बचत उत्सव' का जिक्र करते हुए बताया कि इस अभियान ने लोगों में जागरूकता पैदा की है। उन्होंने इसे जन-हित को बढ़ावा देने वाला आंदोलन बताया। इसी क्रम में विभिन्न राज्यों में चल रहे स्वच्छता और स्थिरता के नागरिक-नेतृत्व वाले प्रयासों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
Garbage Café और झीलों की सुरक्षा
'Garbage Café' और बेंगलुरु में झीलों को बचाने की अनोखी पहल
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में चल रहे 'Garbage Café' मॉडल की प्रधानमंत्री ने विशेष प्रशंसा की, जहां प्लास्टिक कचरा लाने पर लोगों को भोजन दिया जाता है। उन्होंने इसे स्वच्छता, पुनर्चक्रण और सामुदायिक मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। इसके साथ ही बेंगलुरु के इंजीनियर कपिल शर्मा द्वारा झीलों के पुनर्जीवन के लिए चलाई जा रही मुहिम को भी उन्होंने सराहा।
BSF और CRPF की पहल
BSF और CRPF की पहल
प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा भारतीय नस्ल के कुत्तों की संख्या बढ़ाने के कदम को देश की स्वदेशी क्षमताओं के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया।
जन-आंदोलनों का सशक्त मंच
जन-आंदोलनों और समाज-सुधार का सशक्त मंच
अक्टूबर 2014 में शुरू हुए 'मन की बात' कार्यक्रम ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल साक्षरता, महिला सशक्तिकरण और जन-भागीदारी जैसे विषयों पर व्यापक परिवर्तन और जागरूकता की लहर पैदा की है। पीएम मोदी ने कहा कि यह मंच उन प्रेरक कहानियों को सामने लाने का माध्यम बन गया है जो देश को भीतर से मजबूत बना रही हैं।
