प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी सुधारों के लाभों पर प्रकाश डाला
जीएसटी में सुधारों का महत्व
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी में हालिया सुधारों के फायदों को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार आपके परिश्रम और निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। एक शिक्षक केवल वर्तमान को नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को भी आकार देता है। यह भी देश सेवा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत हमेशा से गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करता आया है, जहां गुरु को जीवन का मार्गदर्शक माना जाता है। आज जब हम विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तब यह परंपरा हमारी ताकत है। शिक्षक एक मजबूत राष्ट्र और सशक्त समाज की नींव होते हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि उन्होंने 15 अगस्त को लाल किले से कहा था कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगली पीढ़ी के सुधारों की आवश्यकता है। उन्होंने देशवासियों से वादा किया था कि इस दिवाली और छठ पूजा से पहले खुशियों का डबल धमाका होगा। हाल ही में, भारत सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब जीएसटी और भी सरल हो गया है। जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर, सोमवार से लागू होंगी, जिसमें मुख्यतः दो दरें 5% और 18% होंगी।
उन्होंने कहा कि इस बार धनतेरस की रौनक और भी बढ़ेगी, क्योंकि कई वस्तुओं पर टैक्स में कमी आई है। 8 साल पहले जीएसटी लागू होने के समय, यह आजाद भारत का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार था। 21वीं सदी में आगे बढ़ते भारत में जीएसटी में अगली पीढ़ी का सुधार किया गया है। जीएसटी 2.0 देश के लिए समर्थन और विकास की डबल डोज है। नए जीएसटी सुधार से हर परिवार को बड़ा लाभ होगा, जिसमें गरीब, नव-मध्यवर्ग, महिलाएं, छात्र, किसान और युवा शामिल हैं।
जीएसटी में सुधारों से भारत की अर्थव्यवस्था में कई सकारात्मक बदलाव आएंगे। पहला, कर प्रणाली अधिक सरल हो गई है। दूसरा, नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा। तीसरा, उपभोग और विकास को नया प्रोत्साहन मिलेगा। चौथा, व्यापार करने में आसानी से निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। पांचवां, विकसित भारत के लिए सहयोगात्मक संघवाद मजबूत होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि पूर्व की सरकारों में वस्तुओं पर भारी मात्रा में टैक्स लिया जाता था। 2014 में उनके आने से पहले, रसोई के सामान, कृषि से जुड़े उत्पादों और दवाइयों पर अलग-अलग टैक्स लगाए जाते थे। यदि वही स्थिति होती, तो आज आपको 100 रुपए की वस्तु खरीदने पर 20-25 रुपए टैक्स देना पड़ता। लेकिन हमारी सरकार का उद्देश्य है कि आम लोगों के जीवन में बचत अधिक से अधिक हो और उनका जीवन बेहतर बने। मैं फिर से देशवासियों से कहता हूं कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सुधारों का यह सिलसिला जारी रहेगा। आत्मनिर्भरता भारत के लिए कोई नारा नहीं, बल्कि ठोस प्रयास हैं।
