भारत का सेवा क्षेत्र वित्त वर्ष 2026 में रिकॉर्ड व्यापार अधिशेष की ओर अग्रसर
भारत का सेवा क्षेत्र वित्त वर्ष 2026 में 205-207 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड व्यापार अधिशेष की ओर अग्रसर है, जबकि चालू खाता घाटा पहली तिमाही में घटकर 2.4 बिलियन डॉलर रह गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आगे की चुनौतियाँ भी हो सकती हैं, जिससे चालू खाता घाटा फिर से बढ़ सकता है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या जानकारी दी गई है।
| Sep 4, 2025, 12:47 IST
सेवा क्षेत्र का शानदार प्रदर्शन
अमेरिकी टैरिफ के चलते भारत के माल निर्यात पर दबाव बना रह सकता है, लेकिन देश का सेवा क्षेत्र उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में भारत का सेवा व्यापार अधिशेष 205-207 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच सकता है।चालू खाते के घाटे में कमी: नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में भारत का चालू खाता घाटा केवल 2.4 बिलियन डॉलर रह गया, जो कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 0.2 प्रतिशत है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि में 8.6 बिलियन डॉलर (जीडीपी का 0.9 प्रतिशत) के घाटे से काफी कम है।
रेटिंग एजेंसी ICRA के पूर्वानुमान के अनुसार, यह आंकड़ा 0.7 प्रतिशत से भी बेहतर है।
आगे की चुनौतियाँ: हालांकि, ICRA ने चेतावनी दी है कि यह राहत स्थायी नहीं हो सकती। एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में माल व्यापार घाटे में वृद्धि के कारण चालू खाता घाटा फिर से 13-15 बिलियन डॉलर (जीडीपी का 1.5 प्रतिशत) तक पहुंच सकता है।
