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देश में बार-बार चुनाव से विकास कार्य बाधित होते हैं: डॉ सुधांशु त्रिवेदी

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देश में बार-बार चुनाव से विकास कार्य बाधित होते हैं: डॉ सुधांशु त्रिवेदी


-'एक राष्ट्र, एक चुनाव' गोष्ठी में शामिल हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता

-प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने देश में दी स्थिरता, भारत आगे बढ़ रहा

वाराणसी, 27 फरवरी (हि.स.)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सांसद डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि बार-बार देश में चुनाव कराने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं, प्रशासनिक कार्यों में बाधा आती है और आर्थिक संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। देश की दीर्घकालिक स्थिरता, विकास और प्रशासनिक दक्षता के लिए 'वन नेशन, वन इलेक्शन' आवश्यक है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरुवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 'वन नेशन, वन इलेक्शन' से देश को कई बड़े लाभ होंगे। संपूर्ण देश में एक साथ चुनाव होने से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी। एक प्रतिशत से अधिक जीडीपी की बचत होगी। राजनीति में स्थिरता आने से दीर्घकालिक विकास योजनाओं को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने जब देश में लोकतंत्र की संकल्पना की, तब एक साथ चुनाव कराने का ही निर्णय लिया था। 1952 से 1967 तक देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते थे, लेकिन बाद में यह प्रक्रिया बाधित हो गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 96-97-98 में हुए चुनावों के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि लोकतंत्र की धड़कन चुनाव है, लेकिन यदि धड़कन बहुत तेजी से हो तो यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। डॉ सुधांशु ने कहा कि 1989 से 2014 तक देश में राजनीतिक अस्थिरता थी, लेकिन 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्थिर सरकार बनी, जिसने राष्ट्रहित और जनहित में ऐतिहासिक निर्णय लिए।

डिजिटल इंडिया और आर्थिक सुधारों पर जोर

डॉ त्रिवेदी ने कहा कि जब मोदी सरकार ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने की बात की, तब कांग्रेस के नेता पी. चिदंबरम ने कहा था कि भारत के लोग कम पढ़े-लिखे हैं, इसलिए यह व्यवस्था सफल नहीं होगी। लेकिन आज भारत ने अमेरिका और चीन को भी डिजिटल लेन-देन में पीछे छोड़ दिया है।

विपक्षी दल हर नयी व्यवस्था का विरोध करते हैं

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विपक्षी दल हर नयी व्यवस्था का विरोध करते आए हैं, चाहे वह डिजिटल इंडिया हो, जीएसटी हो या अब 'वन नेशन, वन इलेक्शन'। लेकिन भारत अब 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की दिशा में बढ़ चुका है। डॉ त्रिवेदी ने कहा कि मोदी सरकार जो ठान लेती है, उसे हर हाल में पूरा करती है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार दृढ़ संकल्पित है और इसे लागू कर देश को एक नई दिशा देगी।

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए बिहार और मेघालय के पूर्व राज्यपाल फागू चौहान ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को देश की जरूरत बताया और कहा कि इससे विकास को गति मिलेगी और राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित होगी। गोष्ठी में विषय प्रस्तावना काशी मंथन के संस्थापक डा मयंक नारायण सिंह ने रखा।

गोष्ठी में इनकी रही उपस्थिति

गोष्ठी में भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी अनूप गुप्ता, क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु', पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष एवं‌ एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मोर्या, महापौर अशोक तिवारी, पूर्व विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, सह मीडिया प्रभारी संतोष सोलापुरकर आदि की मौजूदगी रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी