नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध: श्रीपाद नाईक
मुंबई, 27 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाईक ने गुरुवार को मुंबई में कहा कि केंद्र सरकार नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, विद्युत बैटरी संचय प्रणाली पर निर्णय लेने, बिजली वितरण क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने, स्मार्ट मीटर स्थापित करने जैसे मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध उपाय करेगी।
श्रीपाद नाईक आज सह्याद्रि अतिथिगृह में बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिरता और संबंधित विषयों पर मंत्री समूह समिति की दूसरी बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के अनुसार, पूरे देश में बिजली क्षेत्र में 16.28 फीसदी की कुल हानि हुई है। इस नुकसान को कम करने के लिए महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और गुजरात को अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने की जरूरत है। बिजली वितरण में एआई और आधुनिक तकनीक का उपयोग करना, सरकारी विभागों द्वारा समय पर बिलों का भुगतान सुनिश्चित करना, राज्य विद्युत नियामक आयोग (एसईआरसी) द्वारा नियमित रूप से टैरिफ की समीक्षा करना, स्मार्ट मीटर स्थापित करना, हानि को कम करना, समय-आधारित बिजली दर लागू करना, ऋण पुनर्गठन और वैकल्पिक वित्तीय संसाधन जुटाना आवश्यक है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार को उदय योजना जैसी योजनाएं फिर से शुरू करनी चाहिए, वित्तीय सहायता पर ब्याज दरें कम करनी चाहिए, शुल्क हटाने चाहिए और देश की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी महावितरण को ब्याज मुक्त बॉन्ड जारी करने की अनुमति देनी चाहिए।
इस बैठक में केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाईक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, तमिलनाडु के ऊर्जा मंत्री वी. सेंथिल बालाजी, मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, आंध्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री गोट्टीपति रवि कुमार, राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सोमेंद्र तोमर सहित अन्य मंत्री उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव