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PoK में पाकिस्तान के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, सुरक्षा बलों का बल प्रयोग

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हालात तनावपूर्ण हैं, जहां हजारों लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का प्रयोग किया। लंदन में भी कश्मीरी समुदाय ने पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठाई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान कश्मीर में अत्याचार कर रहा है और हथियारों की आपूर्ति कर रहा है। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो सुरक्षा स्थिति और बिगड़ सकती है।
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PoK में पाकिस्तान के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, सुरक्षा बलों का बल प्रयोग

PoK में प्रदर्शन की स्थिति

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के मुजफ्फराबाद में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। यहां हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। मंगलवार को मीरपुर में भी पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए।


सुरक्षा बलों के साथ झड़प

प्रदर्शन के दौरान मुजफ्फराबाद में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के सदस्यों और सुरक्षा बलों के बीच गंभीर झड़पें हुईं। इसके बाद भीमबर और कोटली जैसे शहरों में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन और बंद जारी हैं।


पाकिस्तान का उत्पीड़न

पाकिस्तान, जो कि अधिकृत कश्मीर में कश्मीरी लोगों पर अत्याचार कर रहा है, उनकी हत्याएं कर रहा है। सेना को कश्मीरियों के खिलाफ खुली छूट दी गई है। इस मुद्दे पर केवल PoK में ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन में भी कश्मीरी समुदाय के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।


लंदन में कश्मीरी समुदाय का प्रदर्शन

लंदन में पाकिस्तान के हाई कमीशन के बाहर बड़ी संख्या में कश्मीरी एकत्र हुए और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उनका कहना है कि पाकिस्तान, 9 जून की हड़ताल से पहले PoK में अत्याचार कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने रावलकोट में मारे गए लोगों की याद में फतिहा पढ़ा।


हथियारों की आपूर्ति का आरोप

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कश्मीर में उनका नरसंहार किया जा रहा है और पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में हथियार और सशस्त्र लोग PoK में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे आम जनता में डर का माहौल है।


पाकिस्तान की गतिविधियों पर चिंता

पाकिस्तान अपने कब्जे वाले कश्मीर में हथियार भेज रहा है। हाल ही में स्थानीय युवाओं ने पाकिस्तान से आए दो वाहनों को रोका, जिनमें हथियार भरे हुए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये सशस्त्र समूह नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले कर सकते हैं।


सुरक्षा बलों की वापसी की मांग

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पाकिस्तान अपने सुरक्षा बलों को तुरंत वापस बुलाए ताकि PoK के लोग शांति से रह सकें। यदि सैन्य उपस्थिति कम नहीं हुई, तो सुरक्षा स्थिति और बिगड़ सकती है।


पाकिस्तान में जवानों का विरोध

इस बीच, पाकिस्तान के एक प्रमुख समाचार पत्र के अनुसार, PoK में प्रदर्शन को देखते हुए कैपिटल पुलिस के जवानों ने गिलगित-बाल्टिस्तान में ड्यूटी करने से मना कर दिया है। इस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


नौकरी से बर्खास्तगी

PoK में ड्यूटी करने से मना करने वाले जवानों में अधिकारी भी शामिल हैं। कैपिटल पुलिस ने कई जवानों को नौकरी से निकाल दिया है।