अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारतीयों के प्रति नफरत पर जताई चिंता
अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ बढ़ती नफरत
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही में कहा कि हर देश में कुछ असामाजिक तत्व होते हैं। उन्होंने यह टिप्पणी भारतीयों के खिलाफ अमेरिका में बढ़ती नफरत और नस्लीय टिप्पणियों के संदर्भ में की। रविवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब इस मुद्दे पर सवाल उठाया गया, तो उन्होंने यह जवाब दिया।
रुबियो ने अमेरिका को एक ऐसा देश बताया जो सभी का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि भारतीयों सहित विभिन्न प्रवासियों ने अमेरिका की समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने भारतीय समुदाय की प्रशंसा करते हुए बताया कि उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 20 अरब डॉलर से अधिक का योगदान दिया है, और यह आंकड़ा और भी बढ़ना चाहिए.
मूर्खता पर टिप्पणी
मार्को रुबियो, विदेश मंत्री, अमेरिका:-
मैं नहीं जानता कि उन टिप्पणियों का क्या उत्तर दूं, लेकिन मैं इसे गंभीरता से लूंगा। हर देश में मूर्ख लोग होते हैं। भारत में भी और अमेरिका में भी। कभी-कभी वे बेवकूफी भरी बातें कर देते हैं।
H-1B वीजा और इमिग्रेशन पर विचार
मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका अपने इमिग्रेशन सिस्टम में सुधार कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जे-1, एफ-1 और एच-1बी वीजा से संबंधित बदलाव भारत के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर लागू हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में अमेरिका में 2 करोड़ से अधिक लोग अवैध रूप से घुस आए हैं, इसलिए प्रवासी नीति में बदलाव आवश्यक है।
भारत के साथ अमेरिका के संबंध
अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत के साथ अमेरिका का रणनीतिक संबंध बहुत मजबूत है और भविष्य में और संभावनाएं हैं।
बातचीत का सारांश
विदेश मंत्री एस जयशंकर और मार्को रुबियो ने हैदराबाद हाउस में विस्तृत बातचीत की। मार्को रुबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। यह महत्वपूर्ण बैठक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए आयोजित की गई थी। एक बार फिर भारत और अमेरिका के संबंध सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
