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ईडी की छापेमारी: संजीव अरोड़ा के मामले में चार राज्यों में कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आम आदमी पार्टी के नेता संजीव अरोड़ा के खिलाफ चार राज्यों में छापेमारी की है। यह कार्रवाई अवैध धन के लेन-देन के आरोपों के तहत की गई है। अरोड़ा पर फर्जी जीएसटी खरीद और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं। पिछले महीने भी उनके ठिकानों पर छापे मारे गए थे। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और ईडी की कार्रवाई के पीछे के कारण।
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ईडी की छापेमारी: संजीव अरोड़ा के मामले में चार राज्यों में कार्रवाई

ईडी की छापेमारी का विवरण


प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजीव अरोड़ा के मामले में पंजाब सहित चार राज्यों में छापेमारी की। यह कार्रवाई अवैध धन के लेन-देन (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोपों के तहत की जा रही है। ईडी की कई टीमें दिल्ली और अन्य शहरों में सक्रिय हैं।


पिछली छापेमारी का संदर्भ

पिछले महीने 9 मई को भी ईडी ने संजीव अरोड़ा के दिल्ली, गुड़गांव और चंडीगढ़ स्थित ठिकानों पर छापे मारे थे। यह कार्रवाई 157.12 करोड़ रुपये के फर्जी निर्यात से जुड़े विदेशी मुद्रा उल्लंघन के मामले में की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए) के तहत की गई थी।


फर्जी जीएसटी खरीद का आरोप

संजीव अरोड़ा पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कंपनी के माध्यम से 100 करोड़ रुपये से अधिक के मोबाइल फोन की फर्जी जीएसटी खरीद की और इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग की। ईडी को दिल्ली में ऐसी कंपनियों से कई फर्जी जीएसटी खरीद बिल मिले हैं, जिनका वास्तविकता में कोई अस्तित्व नहीं है। इन बिलों का उपयोग कथित तौर पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और एक्सपोर्ट क्रेडिट पर जीएसटी रिफंड के लिए किया गया।


ईडी की पूर्व की कार्रवाई

अप्रैल में, ईडी ने 'फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट' (फेमा) के तहत अरोड़ा और उनकी कंपनियों पर छापे मारे थे। उस समय अरोड़ा ने कहा था कि वह जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करेंगे और उन्हें विश्वास है कि सच सामने आएगा। लुधियाना वेस्ट के विधायक अरोड़ा के यहां 2024 में भी छापेमारी की गई थी।