Newzfatafatlogo

ईरान में महंगाई दर ने आठ दशक का रिकॉर्ड तोड़ा

ईरान में हाल ही में महंगाई दर 80 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जो देश की अर्थव्यवस्था पर युद्ध के प्रभाव को दर्शाती है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद, ईरान ने प्रतिरोध दिखाया, लेकिन इसके परिणामस्वरूप उसकी आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। इस बीच, भारत ने अपने निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जो वैश्विक आवश्यक वस्तुओं की कमी के बीच एक सकारात्मक संकेत है। जानें इस संकट के पीछे की पूरी कहानी।
 | 
ईरान में महंगाई दर ने आठ दशक का रिकॉर्ड तोड़ा

ईरान की अर्थव्यवस्था पर युद्ध का प्रभाव


अमेरिका और इजराइल के हमलों से प्रभावित ईरान की स्थिति


28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर अचानक हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप ईरान ने अपने कई शीर्ष नेताओं और सैन्य अधिकारियों को खो दिया। प्रारंभ में, इन देशों को लगा कि वे जल्दी ही ईरान को पराजित कर देंगे, लेकिन ईरान ने प्रतिरोध दिखाया और जवाबी हमले किए। इस संघर्ष ने ईरान की अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।


ईरान ने अपने राष्ट्रप्रमुख और कई प्रमुख नेताओं को खोने के बाद, अब उसकी अर्थव्यवस्था भी संकट में है। सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान के हालिया आंकड़ों के अनुसार, देश में महंगाई दर 80 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।


भारत का निर्यात बढ़ा

फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद, वैश्विक स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना किया जा रहा है। इस बीच, भारत ने अपने वस्तु निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि की है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-मई 2026 के दौरान भारत का निर्यात 15 प्रतिशत बढ़ा है।


अप्रैल में, निर्यात 13.78 प्रतिशत बढ़कर 43.56 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो चार साल का उच्चतम स्तर है। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में तेजी आई है। इस दौरान व्यापार घाटा 28.38 अरब डॉलर रहा है।