Newzfatafatlogo

उज्ज्वला योजना में बदलाव: गरीब परिवारों के लिए सब्सिडी गैस सिलेंडर की संख्या में कमी

सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को मिलने वाले गैस सिलेंडरों की संख्या में कटौती की है। अब लाभार्थियों को सालाना केवल 4 सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलेगी, जो पहले 9 थी। यह निर्णय हाल ही में एलपीजी की कीमतों में वृद्धि के बाद लिया गया है। जानें इस फैसले के पीछे के कारण और इसका आम जनता पर प्रभाव क्या होगा।
 | 
उज्ज्वला योजना में बदलाव: गरीब परिवारों के लिए सब्सिडी गैस सिलेंडर की संख्या में कमी

नई दिल्ली में महत्वपूर्ण निर्णय


नई दिल्ली: देश के लाखों गरीब परिवारों और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए एक चिंताजनक खबर आई है। सरकार ने बढ़ती ईंधन सब्सिडी लागत को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अब उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को मिलने वाले सब्सिडी गैस सिलेंडरों की संख्या को सालाना 9 से घटाकर केवल 4 कर दिया गया है।


निर्णय के पीछे का कारण

यह निर्णय हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की वृद्धि के बाद लिया गया है। इस कदम का सीधा प्रभाव आम जनता, विशेषकर ग्रामीण और गरीब परिवारों के बजट पर पड़ने की संभावना है। आइए जानते हैं कि सरकार ने इस निर्णय के पीछे क्या तर्क दिए हैं।


तेल कंपनियों के घाटे को कम करने का प्रयास

पेट्रोलियम मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण एम. खानूजा ने इस निर्णय को स्पष्ट करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव हो रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और अस्थिर वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य के कारण सरकारी तेल विपणन कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ता जा रहा है।


एलपीजी रिफिल पर भारी नुकसान

वर्तमान में सरकारी तेल कंपनियों को प्रति 14.2 किलोग्राम एलपीजी रिफिल पर 700 रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा, कंपनियों को पेट्रोल पर 6 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू एलपीजी पर संचयी अंडर-रिकवरी बढ़कर 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष 41,338 करोड़ रुपये थी। इस घाटे की भरपाई के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तेल कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये के मुआवजे को मंजूरी दी है।


उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलने वाला लाभ

मंत्रालय के अनुसार, देश के सभी 33.37 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं को बाजार दर की तुलना में प्रति सिलेंडर 700 रुपये की सामान्य छूट मिलती रहेगी। लेकिन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 10.5 करोड़ गरीब परिवारों को मिलने वाला विशेष लाभ अब सीमित कर दिया गया है।


सब्सिडी में कमी

लाभार्थियों को अब एक वर्ष में केवल 4 सिलेंडरों पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। पहले, अगस्त 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रति वर्ष 9 सिलेंडरों पर 300 रुपये की सब्सिडी देने की मंजूरी दी थी, जिसे अब घटा दिया गया है।


सरकार का दृष्टिकोण

सरकार का कहना है कि एक सामान्य उज्ज्वला परिवार की औसत वार्षिक खपत लगभग 4.47 सिलेंडर है, इसलिए पहले 4 रिफिल पर सब्सिडी देना उनके लिए पर्याप्त होगा। यह योजना 2016 में उत्तर प्रदेश के बलिया से शुरू हुई थी, जिसमें गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए थे, लेकिन अब वैश्विक आर्थिक दबाव के कारण सरकार को सब्सिडी के नियमों में यह महत्वपूर्ण कटौती करनी पड़ी है।