छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की चिंताजनक स्थिति: नई रिपोर्ट में खुलासा
छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं पर नई रिपोर्ट
हाल ही में जारी की गई सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) रिपोर्ट 2024 ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं और जनस्वास्थ्य की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने भारत के सभी प्रमुख राज्यों में मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर दोनों में सबसे खराब प्रदर्शन किया है। राज्य की मृत्यु दर 8.4 प्रति हजार जनसंख्या और शिशु मृत्यु दर 36 प्रति हजार जीवित जन्म के रूप में दर्ज की गई है, जो कि देश में सबसे अधिक है.
राष्ट्रीय औसत से पीछे
SRS 2024 के आंकड़ों के अनुसार, भारत का औसत मृत्यु दर 6.4 प्रति हजार जनसंख्या और शिशु मृत्यु दर 24 प्रति हजार जीवित जन्म है। इस तुलना में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां मृत्यु दर 8.8 और शिशु मृत्यु दर 39 प्रति हजार जीवित जन्म है.
कोविड के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं
रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में छत्तीसगढ़ की मृत्यु दर 7.3 थी, जो 2020 में बढ़कर 7.9 और 2021 में 10.1 हो गई। 2022 में यह 9.0, 2023 में 8.3 और 2024 में 8.4 दर्ज की गई। हालांकि कोविड काल के बाद कुछ सुधार हुआ है, लेकिन राज्य अब भी राष्ट्रीय औसत 6.4 से काफी ऊपर है. 2024 में ओडिशा (7.9), केरल (7.3) और पंजाब (7.1) जैसे राज्य भी छत्तीसगढ़ से पीछे रहे.
शिशु मृत्यु दर में मामूली कमी
छत्तीसगढ़ की शिशु मृत्यु दर 2019 में 40 थी, जो 2020, 2021 और 2022 में 38 रही। 2023 में यह 37 और 2024 में 36 दर्ज की गई। आंकड़े बताते हैं कि पिछले पांच वर्षों में केवल 4 अंकों की कमी आई है। 2024 में राष्ट्रीय औसत IMR 24 है, जबकि छत्तीसगढ़ इससे 50 प्रतिशत अधिक है.
मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर का रुझान
सबसे खराब शिशु मृत्यु दर वाले राज्य
| राज्य | शिशु मृत्यु दर |
| छत्तीसगढ़ | 36 |
| मध्य प्रदेश | 35 |
| उत्तर प्रदेश | 35 |
| मेघालय | 31 |
| असम | 29 |
मृत्यु दर में सबसे खराब स्थिति वाले राज्य
| राज्य | मृत्यु दर |
| छत्तीसगढ़ | 8.4 |
| ओडिशा | 7.9 |
| केरल | 7.3 |
| पंजाब | 7.1 |
| कर्नाटक | 7 |
