फाल्टा विधानसभा में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, टीएमसी का दबदबा टूटा
फाल्टा विधानसभा में बीजेपी की जीत
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र, जो तृणमूल कांग्रेस का एक मजबूत गढ़ माना जाता था, में बीजेपी ने एक महत्वपूर्ण जीत दर्ज की है। बीजेपी के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने अपने प्रतिद्वंद्वी सीपीएम के शंभू नाथ कुर्मी को 109021 मतों के विशाल अंतर से हराया। चुनावी मैदान से हटने वाले टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान को केवल 7783 वोट मिले। जहांगीर खान की छवि एक प्रभावशाली नेता की रही है, और उन्होंने पुष्पा स्टाइल में चुनाव प्रचार किया था।
देबांग्शु पांडा को कुल 149666 वोट मिले, जबकि सीपीएम के शंभू नाथ कुर्मी को 40645 मत मिले। कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला ने 10084 वोटों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।
जहांगीर खान को 7783 वोट मिले, जिससे वह चौथे स्थान पर रहे। यह ध्यान देने योग्य है कि जहांगीर के चुनावी दौड़ से हटने के बाद टीएमसी ने फाल्टा में कोई सक्रिय प्रचार नहीं किया। जहांगीर खान भी चुनाव के दौरान लोगों के बीच नहीं आए, और उनका घर बंद रहा। पार्टी के दफ्तरों पर भी ताला लगा रहा।
जहांगीर खान ने चुनाव से दूरी बनाई
टीएमसी का अजेय 'डायमंड हार्बर मॉडल' शनिवार को फाल्टा में बीजेपी की आंधी के सामने बिखर गया। 2024 के लोकसभा चुनाव में अभिषेक बनर्जी ने फाल्टा से बढ़त बनाई थी। टीएमसी नेता जहांगीर खान का यहां काफी प्रभाव था, लेकिन मतदान से पहले उन्होंने खुद को चुनाव से अलग कर लिया। टीएमसी ने इसे जहांगीर का व्यक्तिगत निर्णय बताया।
धांधली के बाद चुनाव रद्द
फाल्टा विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ था, लेकिन कई मतदान केंद्रों की ईवीएम में टेप, स्याही और इत्र मिलने की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान का आदेश दिया। 21 मई को विधानसभा की सभी 285 बूथों पर दोबारा मतदान हुआ, जिसमें केंद्रीय बलों की करीब 35 कंपनियों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 87 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई।
