मध्य प्रदेश में राहुल गांधी की करीबी का नामांकन रद्द, चुनाव में नया मोड़
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की सहयोगी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए रद्द कर दिया गया है। यह निर्णय तब लिया गया जब उन पर शपथपत्र में जानकारी छिपाने का आरोप लगा।
बीजेपी के उम्मीदवार महेश केवट ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि नटराजन ने जानबूझकर तेलंगाना में उनके खिलाफ चल रहे एक मामले का उल्लेख नहीं किया।
दलीलें सुनने के बाद लिया गया निर्णय
रिटर्निंग अधिकारी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नटराजन का नामांकन रद्द करने का निर्णय लिया। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान 18 जून को होना है।
महेश केवट के वकील का बयान
महेश केवट के वकील संकेत गुप्ता ने बताया कि तेलंगाना की अदालत में नटराजन के खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित है, जिसका उल्लेख शपथपत्र में नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, सभी आपराधिक मामलों का उल्लेख करना अनिवार्य है, लेकिन नटराजन ने इसे जानबूझकर छिपाया।
मध्य प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे न्याय की जीत बताया और कहा कि बीजेपी ने संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के मध्य प्रदेश प्रभारी हरिश चौधरी ने कहा कि नटराजन के खिलाफ कोई मामला नहीं है और बीजेपी उन्हें परेशान करने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नटराजन को कोर्ट से एक कारण बताओ नोटिस मिला है, लेकिन शपथपत्र में इसका उल्लेख आवश्यक नहीं है।
चौधरी ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, नामांकन में जानकारी तब देनी होती है जब मामला दर्ज हो, नोटिस मिलने पर नहीं।
