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NIA की छापेमारी: पंजाब और हरियाणा में आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पंजाब और हरियाणा में एक साथ छापेमारी की, जिसमें 18 स्थानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ की गई और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। जांच का केंद्र शहज़ाद भट्टी है, जो एक स्थानीय गैंगस्टर से आतंकवादी बन गया है। NIA का उद्देश्य पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश करना है। जानें इस मामले में और क्या खुलासे हो सकते हैं।
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NIA की छापेमारी: पंजाब और हरियाणा में आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश

राष्ट्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई


चंडीगढ़: मंगलवार की सुबह जब आम लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीमें पंजाब और हरियाणा के नौ जिलों में एक साथ छापेमारी कर रही थीं। यह कोई साधारण तलाशी नहीं थी, बल्कि यह एक खतरनाक आतंकवादी जाल को उजागर करने का प्रयास था, जिसे पाकिस्तान में बैठे एक आतंकवादी ने भारत में स्थापित किया था।


NIA ने दोनों राज्यों में कुल 18 स्थानों पर एक साथ छापे मारे। इस दौरान कई संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई और उनकी गतिविधियों, संपर्कों और वित्तीय लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र की गई। जांचकर्ताओं ने मौके से कई डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए।


फॉरेंसिक और तकनीकी जांच का आरंभ

सबूतों का जाल- फॉरेंसिक और तकनीकी जांच शुरू


छापेमारी के दौरान प्राप्त सभी सामग्री को फॉरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण के लिए भेजा गया है। एजेंसी का उद्देश्य स्पष्ट है- हर तार को खींचकर उस बड़े षड्यंत्र तक पहुंचना जो सीमा पार से बुना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों के ठिकानों पर तलाशी ली गई, उनमें से कुछ को आगे की पूछताछ के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं। जांच में इन लोगों की भूमिका और उनके आकाओं से संबंधों की परतें अभी और खुलनी हैं।


शहज़ाद भट्टी का आतंकवादी सफर

कौन है शहज़ाद भट्टी? गैंगस्टर से आतंकी तक का सफर


इस मामले का मुख्य पात्र शहज़ाद भट्टी है। एक समय पंजाब के अपराध जगत में सक्रिय यह व्यक्ति अब पाकिस्तान में रहकर भारत के खिलाफ आतंकवादी नेटवर्क का संचालन कर रहा है। उसका सफर एक स्थानीय गैंगस्टर से होते हुए एक सुनियोजित आतंकवादी तक पहुंचा है, और इसी खतरनाक परिवर्तन ने NIA को उसके पीछे लगाया है।


अप्रैल 2026 में NIA ने उसे भगोड़ा घोषित किया और एक अन्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। लेकिन जांच की कड़ियाँ रुकी नहीं, वे उन घटनाओं तक पहुंच गईं जिन्होंने पूरे उत्तर भारत को हिला कर रख दिया था।


भट्टी के आतंकवादी कृत्य

ग्रेनेड हमले से लेकर कार बम तक, भट्टी के निशान हर जगह


जांच में यह सामने आया कि मार्च 2025 में जालंधर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के घर पर हुए ग्रेनेड हमले के तार सीधे भट्टी से जुड़े हैं। यह हमला उस समय हुआ था जब देश में सोशल मीडिया पर सक्रिय व्यक्तियों को निशाना बनाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही थी।


इसके बाद नवंबर 2025 में सिरसा, हरियाणा के महिला पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट की साजिश भी भट्टी ने ही रची थी। सिरसा मामले में NIA ने मई 2026 में भट्टी और पाकिस्तान में मौजूद एक अन्य हैंडलर सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच समेत नौ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।


जनवरी 2026 में अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन के बाहर हुए कार बम धमाके का सिलसिला भी इसी नेटवर्क से जुड़ता है। इस मामले में गिरफ्तार एक आरोपी का सीधा संपर्क भट्टी से पाया गया, जो यह साबित करता है कि सीमा पार से इन हमलों की पटकथा कितनी बारीकी से लिखी गई थी।


सीमा पार साजिश का पर्दाफाश

सीमा पार साजिश की जड़ें काटने की कोशिश


NIA की यह कार्रवाई किसी एक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक रणनीतिक जांच का हिस्सा है जिसमें तीन अलग-अलग आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क मामलों को एक साथ खंगाला जा रहा है। एजेंसी का पूरा जोर इस बात पर है कि भट्टी के सहयोगियों और उन सभी लोगों की पहचान की जाए जो इन मामलों में किसी न किसी भूमिका में शामिल रहे हैं।


विशेषज्ञों का मानना है कि यह छापेमारी उस बड़े ऑपरेशन की अगली कड़ी है जिसका उद्देश्य पाकिस्तान से संचालित होने वाले नेटवर्क को भारत के भीतर निष्क्रिय करना है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और खुलासे हो सकते हैं।