पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस ने गैंगस्टर से जुड़े दो आरोपियों को पकड़ा
पंजाब के रूपनगर जिले में पुलिस ने गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। नूरपुर बेदी में एक स्कैन सेंटर पर गोलीबारी करने वाले दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों आरोपी लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा के गिरोह से जुड़े हुए थे। इस कार्रवाई में पुलिस ने अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
फायरिंग की घटना से क्षेत्र में हड़कंप
नूरपुर बेदी के श्री गणेश स्कैन सेंटर पर 30 और 31 मई की रात अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। पुलिस के अनुसार, यह सेंटर पिछले ढाई महीने से बंद था, फिर भी हमलावरों ने शटर को निशाना बनाते हुए लगभग 12 राउंड फायरिंग की। इस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। फायरिंग के तुरंत बाद, स्कैन सेंटर के संचालक संदीप कुमार को गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम से रंगदारी की धमकी भी दी गई थी।
पुलिस ने तकनीकी जानकारी से आरोपियों को पकड़ा
एसएसपी मनिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मानव सूचना तंत्र का उपयोग करते हुए आरोपियों की पहचान की। लंबे समय तक निगरानी रखने के बाद, सीआईए स्टाफ ने जाल बिछाकर दोनों शूटरों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि आरोपी विदेश में बैठे गैंग ऑपरेटरों और रोहित गोदारा के सिंडिकेट से जुड़े थे। पुलिस का मानना है कि उन्हें विशेष निर्देश देकर इस वारदात को अंजाम दिया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास
आरोपियों की पहचान करण अरोड़ा उर्फ लड्डू और विक्की कुमार रवानी उर्फ भुवन के रूप में हुई है। करण अरोड़ा लुधियाना का निवासी है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत सात मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका है। वहीं, बिहार का विक्की कुमार रवानी लुधियाना में मजदूरी करता था और पैसों के लालच में इस गैंग से जुड़ गया। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनके पुराने नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
विदेशी हैंडलरों की भूमिका की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विदेश में बैठे गैंग संचालक नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को अपने जाल में फंसाते हैं। उन्हें छोटे-छोटे आर्थिक लालच देकर गंभीर अपराधों में शामिल किया जाता है। एसएसपी ने बताया कि कई मामलों में आरोपियों के खातों में 10 से 20 हजार रुपये तक भेजे जाते हैं। बदले में उनसे जान जोखिम में डालकर वारदात करवाई जाती है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन की जानकारी जुटाई जा सके।
